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#Dream

पेड़ -आसमान -धरती

मरते बुजुर्ग की अंतिम कविता

चिड़चिड़ा बूढ़ा आदमी (Cranky Old Man) ---------------------------------------------- नर्स, तुम मेरी ओर देखती हो... तुम क्या देखती हो? मेरी तरफ़ देख कर तुम क्या सोचती हो? क्या मैं तुम्हें एक चिड़चिड़ा बूढ़ा आदमी दिखाई देता हूँ? जो बहुत समझदार नहीं है,... Continue Reading →

तुम मरने लगते हो धीरे-धीरे

तुम धीरे-धीरे मरने लगते हो... अगर तुम यात्राएं नहीं करते अगर तुम पढ़ते नहीं अगर तुम जीवन की आवाजों को नहीं सुनते अगर तुम अपने से सामंजस्य बिठाकर, अपनी उचित सराहना नहीं करते | तुम धीरे-धीरे मरने लगते हो जब... Continue Reading →

प्रेम : अंततः पारदर्शी 

छुआ है जिस दिन से तुमनेमेरा मनसमा गयी है उष्णता तुम्हारीमुझमें। यह गरमी और इस आँच की खुश्बूकहाँ जाये?यह उम्र झूठ बोलने की नहीं हैपैंतालिस की उम्र मेंप्लेटॉनिक/ अदभुत प्रेमहोता नहींऔर जो होता हैलाख कोशिशों के बावजूदसोता नहीं।चाहता है एकांत... Continue Reading →

लोकतंत्र …

लोकतंत्र नहीं आएगा आज, इस साल, या और कभी …समझौतों और भय के द्वारा तो कभी नहीं आएगा!  मेरा भी उतना ही अधिकार है जैसे किसी और का है अपने पैरों पर खड़े होने का और जमीन का टुकड़ा लेने... Continue Reading →

अभी कई बातें …(Sándor Weöres)

अभी तो कहने को कई बातें शेष हैं, घटनाएं जिन्हें हमने जिया, बातें जो हमने सीखीं, वस्तुएं जिन्हें हमने देखा, और मुलाकातें जो कई बार हुईं और वे मुलाकातें जो हुईं सिर्फ एक ही बार होकर रह गयीं, हर फूल... Continue Reading →

And Still I Rise : Maya Angelou

तुम मुझे पराजित हुआसाबित कर सकते हो स्वयं गढ़े इतिहास के पन्नों मेंअपनी कड़वाहट और तोड़ मरोड़ कर परोसे गए झूठों के जरियेतुम मुझे धूल -धूसरित कर सकते होपर मैं तब भी धूल की तरह ही उठ जाउंगी| क्या मेरी... Continue Reading →

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