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Cine Manthan

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Hollywood

शशि कपूर : ‘दादा साहेब फाल्के’

सिनेमा के भारतीय प्रेमी केन्द्र सरकार को धन्यवाद कह सकते हैं कि काफी समय से बीमार अभिनेता-निर्माता और निर्देशक शशि कपूर को अंततः उनके दवारा भारतीय सिनेमा को दिए  गये उल्लेखनीय योगदान के कारण उनके प्रति न्याय करते हुए (और... Continue Reading →

Tickets(2005): तीन निर्देशक और तीन कहानियां एक ट्रेन में

Tickets की एक खूबी है कि पूरी फिल्म ट्रेन के अंदर फिल्मायी गयी है और इसमें तीन कहानियों का समावेश है जो क्रमशः तीन अलग अलग निर्देशकों, Ermanno Olmi, Abbas Kiarostami और Ken Loach द्वारा निर्देशित की गयी हैं। तीनों... Continue Reading →

The Other End of the Line (2008) : इंडो-अमेरिकन प्रेमकहानी

ओह्ह्ह्ह मुम्बई तो भारत का New York है और वहाँ नौकरियों का विस्फोट हो गया है अमेरिकी धनी Kit Hawksin अपने होटल में ठहरी हुयी भारत से अमेरिका गयी प्रिया से मिलने पर  कहता है। मैं New York को अमेरिका... Continue Reading →

Partition (2007) : भारत के हिंसक विभाजन में जन्मी प्रेमकथा

एक ही विषय पर दो लेखक अलग-अलग कहानियाँ लिख सकते हैं। एक ही कहानी पर दो पटकथा लेखक भिन्न लगने वाली पटकथायें तैयार कर सकते हैं। एक ही विषय पर दो निर्देशक अलग प्रतीत होने वाली फिल्में बना सकते हैं।... Continue Reading →

The Beguiled(1971): स्त्री संसार में छलिया Clint Eastwood

व्यवसायिक फिल्मों के सुपर स्टार्स में से बिरले ही ऐसे होंगे जो अपनी बनी बनायी छवि को खुद ही तोड़ने की कोशिश करेंगे। अमेरिकी साहित्य का एक उपवर्ग है Southern Gothic और लेखक Thomas P. Cullinan ने इसी उपवर्ग के... Continue Reading →

The Last Station (2009) : Leo Tolstoy के आख़िरी साल का बयान

व्यक्ति से बड़ी उसकी छवि होती है यह तो एक सिद्ध सी बात है और छवि अगर व्यक्ति के ऐसे विचारों से बने जो कि लाखों लोगों को प्रभावित करें या करने लगें तो व्यक्ति की छवि भी उसी अनुपात... Continue Reading →

Little Fugitive(1953) : बचपन के दिन और बाल मन

बच्चे वर्तमान में जीते हैं और एक समय में उनका जो भाव होता है वह इतनी अधिक तीव्रता और गहरायी लिये हुये होता है कि उन्हे और कुछ सूझता ही नहीं। एक उम्र होती है जब बच्चे को अगर वह... Continue Reading →

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