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Lata Mangeshkar

Sharda(1957): प्रेमिका सुहागन प्रेमी के पिता की

कल्पना कीजिये कि एक युवक की प्रेमिका परिस्थितिवश उसकी माँ बन जाये तो क्या हो? ऐसे रिश्ते से उपजे जटिल समीकरण को सुलझाने के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित दक्षिण और हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक एल वी... Continue Reading →

लता मंगेशकर : भारत का गौरव ही नहीं, स्वाभिमान भी

(https://cinemanthan.com/2013/10/15/donainonmeinansoo/)

Dilip Kumar उर्फ़ मोहम्मद युसूफ खान और “भारत रत्न”

क्या दिलीप कुमार और भारत रत्न के बीच कुछ फासले हैं? यह तो सर्वत्र स्वीकृत बात है कि हिन्दी सिनेमा में नायक की भूमिकाएं निभाने वाले अभिनेताओं में वे चुनींदा सर्वश्रेष्ठ अभिनेताओं में से एक रहे हैं बल्कि हिन्दी सिने... Continue Reading →

दिलीप कुमार : अभिनेताओं के अभिनेता का कालजयी खुमार

...[राकेश] ©

बाँहों में चले आओ (Anamika 1973) : स्त्री प्रणय निवेदन का सुरीला शिखर

https://youtu.be/VVYrkjukYII?si=9lWOfsmEUlAZhxAz © ...[राकेश]

लता श्रुति-संवाद : लता मंगेशकर के संगीत संसार की कुंडली विवेचना

पुस्तक संगीत के सामान्य श्रोता को यह आसान ढंग से संगीत के शास्त्रीय तत्वों की जानकारी उपलब्ध करा देती है और गीतों के नोटेशन्स और लता के गायन की बारीकियों को उजागर करके संगीत के पारखी श्रोताओं को भी ज्ञान... Continue Reading →

रमैय्या वस्तावैय्या (Shri 420) … राम तेरा दिल और कर्म मैले

रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया मैंने दिल तुझको दिया,  मैंने दिल तुझको दिया ओ रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया नैनों में थी प्यार की रौशनी तेरी आँखों में ये दुनियादारी न थी तू और था, तेरा दिल और था तेरे मन में... Continue Reading →

Tere Ghar Ke Samne (1963) : सर्दियों की नर्म धूप

  ...[राकेश] © https://cinemanthan.com/2013/09/18/tukahan/

Bawarchi (1972): दिल चोर बावर्ची!

...[राकेश]

Anand (1971) : जीने का अंदाज अंकुरित कर जाने वाला जिंदादिल

...[राकेश]

हमने देखी हैं उन आँखों की महकती खुशबू (Khamoshi 1969) : अनूठे मुखड़े से सजा प्रेमगीत ग्रंथ

...[राकेश] https://youtu.be/doPtBhDTpj0?si=st9Jv6ShXnVzrATS https://cinemanthan.com/2013/10/04/khamoshi1969 ©

कमर जलालाबादी

...[राकेश]

Satyakam (1969) : हत्या ईमानदारी की होते बेशर्मी से देखता रहा है हिन्दुस्तान

Jagte Raho (1956): न जागा है न जागेगा “भारत”

    ...[राकेश] https://youtu.be/S3Lhs8HEC_I?si=633obFDq1l4icFzN

Swami (1977): प्रेम का धागा पति से टूटे या प्रेमी से?

सत्तर के दशक में बासु दा बहुत तेज रफ्तार से फिल्में बनाते थे और उनकी उस दौरान बनायी गयी फिल्मों की गुणवत्ता सराहनीय है। सत्तर के दशक की उनकी फिल्में बार बार देखी जाती हैं और तब भी न तो... Continue Reading →

कुहू कुहू बोले कोयलिया (Suvarna Sundari– 1957) : मधुर रागमाला, नायाब संगीत

https://youtu.be/ANfV8VnzrYs?si=sv35zFCNO8DmBnrz …[राकेश]

दो नैनों में (Khushboo 1975) : निर्देशक, कवि गुलज़ार की कल्पना और तकनीक के संगम का जादू

© …[राकेश] https://youtu.be/i_7PShD6gMM?si=PA6Gz1VJvI36DDFY https://youtu.be/v_qs7436aA4?si=T7dLjOamDU0sCqLy

Abhimaan (1973) : अमिताभ- जया श्रेष्ठ हैं या कला और प्रतिभा?

उमा (जया भादुड़ी) अपने पति सुबीर (अमिताभ बच्चन) को घर ले जाने के लिये सुबीर की दोस्त चित्रा (बिन्दु) के घर आती हैं। उमा और सुबीर की शादी के स्वागत समारोह के बाद यह उमा और चित्रा की दूसरी ही... Continue Reading →

जाने वाले मुड़ के (श्री 420) : राज कपूर की तकनीकी श्रेष्ठता

विवश श्वेत वस्त्रधारी अशरीरी अंतर्मन वापिस नरगिस के शरीर में प्रवेश कर जाता है। लता मंगेशकर ने अपनी गायिकी से इस गीत में उपस्थित दुख भरे भावों को गहरायी प्रदान की है। चाहे वह आवारा का ड्रीम सीक्वेंस हो या... Continue Reading →

कहीं करती होगी वो मेरा इंतजार: मुकेश के गीत में लता की “हॆ”

यह गीत हृषिकेष मुखर्जी की फिल्म फिर कब मिलोगी (1974) का है। इसे लिखा था मजरूह सुल्तानपुरी ने और संगीतबद्ध किया था आर.डी.बर्मन/पंचम ने। फिल्म में यह यह गीत दो बार आता है। पहली बार यह एकल गीत के रुप... Continue Reading →

Khamoshi (1969): सन्नाटे की गूँज

…[राकेश] https://cinemanthan.com/2015/06/13/humnedekhihainunankhon

Dastak (1970): हदों से गुज़र, जीने की कोशिश करते, हामिद और सलमा

…[राकेश]

कहीं बेख्याल होकर यूँ ही छू लिया किसी ने (Teen Deviyan 1965)

गीत के नीचे दिये ऑडियो में एक अंतरा ज्यादा है। https://youtu.be/94xePOCF6yU?si=ztT1oXE_JC-J_gBd ...[राकेश]

लिखा है तेरी आँखों में (Teen Deviyan 1965) : किशोर कुमार के अद्भुत दौर की शुरुआत

© ...[राकेश]

Teen Deviyan (1965) : जब कुछ नहीं तो ये इशारे क्यों

…[राकेश] https://cinemanthan.com/2013/09/26/likhahaiteriaankhonmein https://cinemanthan.com/2013/09/26/kahinbekhyalhokar/

सुहाना सफर (मधुमती 1957): प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत कलाकार के उदगार

https://youtu.be/E5N7k1V2bQk?si=NIqBLjz7NEJ-iMeR गायक- #मुकेश, गीतकार- #शैलेन्द्र, संगीतकार – #सलिल_चौधरी, सिनेमेटोग्राफर - #दिलीप_गुप्ता,और निर्देशक – #बिमल_राय, फिल्म - #मधुमती (1957) ...[राकेश]

हे मैने कसम ली: मधुमास के सौन्दर्य का प्रतिनिधि गीत

...[राकेश]

A Meeting with Mubarak Begum

For some years the poverty of famous singer Mubarak Begum has been in news and her plight has been bothering many music lovers and they have been forced to think what this country and its government and state governments have... Continue Reading →

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