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Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music, Literature & Life

Month

December 2022

कॉमेडी ऑफ़ एरर्स

युगों युगों से महान हिमालय पर्वत श्रंखला के साये में रहने वाले लोग जानते हैं कि उनके आदि पुरुष, देवों में श्रेष्ठतम स्थान पाने वाले शंकर महादेव कितने भोले थे, उन्हे तो भोले शंकर के नाम से भी जाना जाता है। विकट विद्वान महाशय... Continue Reading →

लुट ही गये राम नाम की लूट के फेर में

मानवेंद्र, महाश्य जी के बहुत से किस्से चटखारे लेकर सुनाया करते, और बहुत बार तो महाश्य जी की उपस्थिति में ही, और महाश्य जी खुद भी अपने बारे में नमक मिर्च लगा कर सुनाये गए इन किस्सों को सुनकर ठहाके... Continue Reading →

Mirza Ghalib (1988-89): पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है… (अध्याय 5)

“दुःख तोड़ता भी है, पर जब नहीं तोड़ता या तोड़ पाता, तब व्यक्ति को मुक्त करता है” (अज्ञेय के विलक्षण उपन्यास “नदी के द्वीप” की दो में से एक नायिका का कथन) दुःख एक नितांत निजी मसला है मनुष्य के... Continue Reading →

दुनिया रंग रंगीली ‘बाबा’

महाश्य जी, विद्वान होते हुये भी कई मर्तबा, नादानी कह लें या उनकी मासूमियत, विचित्र स्थितियों में फँस जाते थे। सामान्य जन की परिभाषा से देखें तो हर पहुँचे हुये व्यक्ति की तरह महाश्य जी भी विरोधाभासों से भरे व्यक्ति... Continue Reading →

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