The Killer को David Fincher द्वारा Organized Crime के संसार पर प्रस्तुत एक श्वेत पत्र माना जा सकता है| एक तो फ़िल्म अपराध के इस संसार को एक सफल कॉर्पोरेट की तरह संगठित एवं संयोजित रूप से कार्यान्वित दिखाती है, दूसरे इस संगठित अपराध के संसार की एक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी – Contract Killer, के जीवन को विस्तार से दिखाती है| किसी भी व्यापारिक समूह की भांति संगठित अपराध की दुनिया में भी विभिन्न प्रकार की विशेषता वाले लोग काम करते हैं| एक तरफ वे लोग हैं जो इसे व्यापार की तरह चलाकर अपराध करने का प्रोजेक्ट लेते हैं और दूसरे वे लोग जो वास्तविक स्थल पर जाकर निर्णित अपराध को योजनाबद्ध तरीके से संपन्न करते हैं| एक साजिशकर्ता ने किसी अपराध के लिए अपराधियों के एक गैंग को एक प्रोजेक्ट सौंप दिया, कीमत, धन का ट्रांजेक्शन आदि बातें तय हो गयीं, अपराधिक गैंग अब आगे इस काम को करने के लिए एक फूलप्रूफ योजना बनाएगा, उसके लिए विभिन्न पडावों पर विभिन्न लोगों की नियुक्ति होगी और कई पडावों से गुज़र कर योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिस व्यक्ति पर आ जायेगी, अगर यह हत्या किये जाने का मामला है तो उस व्यक्ति को कॉन्ट्रैक्ट किलर कहा जाएगा| इस कॉन्ट्रैक्ट किलर को इस बात की जानकारी नहीं होगी कि किस व्यक्ति ने मूल रूप से इस काम को करने का प्रोजेक्ट दिया था, उसे सिर्फ अपने एक संपर्क सूत्र की ही जानकारी होगी जो अंत में उसे काम सौंप रहा है| किलर को टार्गेट की निश्चित जानकारी के अलावा सिर्फ इस काम के एवज में प्राप्त होने वाली धनराशि से मतलब है|

ज्यादातर फ़िल्में कॉन्ट्रैक्ट किलर द्वारा अंजाम दिए गये दुस्साहसी कृत्यों पर आधारित होती हैं और इनमें राजनीतिक हत्याओं वाली फ़िल्में बहुत बनी हैं, या ऐसी फ़िल्में बनती हैं जिनमें पुलिस को अपने संपर्क सूत्रों से किसी विशेष ह्त्या को अंजाम दिए जाने की योजना की जानकारी पहले ही मिल जाती है और तब पुलिस के जासूस और उस कॉन्ट्रैक्ट किलर के बीच चूहे बिल्ली की रेस चल पड़ती है और दर्शक इस रोमांच से भरे फ़िल्में देखते हैं कि क्या किलर अपने मिशन में कामयाब होगा या जासूस उसे हत्या करने से पहले ही पकड़ लेगा या धराशायी कर देगा?

डेविड फिंचर ऐसी फिल्मों की परिपाटी से थोडा अलग चलते हैं और अलेक्सिस नोलेंट की फ्रेंच ग्राफिक उपन्यास सीरीज के एक उपन्यास द किलर पर आधारित करके इतने विस्तार से एक कॉन्ट्रैक्ट किलर को अपराध करने से पहले टार्गेट के लिए घात लगाकर बैठने, आक्रमण करने, चूक जाने, और उस चूक के कारण अपने जीवन में आने वाली परेशानियों और उनसे जूझते हुए इस अपराध प्रोजेक्ट के मूल स्रोत तक पहुँचकर उसकी गर्दन पकड़ने तक की यात्रा को बेहद बारीकी से दिखाते हैं कि यह किलर की बायोपिक लगती है| फ़िल्म का ट्रीटमेंट ऐसा किया है उन्होंने कि पूरी फ़िल्म में दर्शक ऐसा ही महसूस करता है कि इस एक कॉन्ट्रैक्ट किलर की असली जीवनी परदे पर देख रहा है|

फ़िल्म अपने एक मिशन को पूरा करने से चूक गए किलर द्वारा इस कॉन्ट्रैक्ट की राह पर उलटे चलकर कॉन्ट्रैक्ट देने वाले मूल व्यक्ति तक पहुँचने की यात्रा है| बीच में उसकी मुठभेड़ इस पथ पर बैठे अपने जैसे अपराधियों से होती है, समाज में सफेदपोश बने बैठे लोगों से होती है जो व्यापारिक अंसार और अपराध संसार के बीच की कड़ियाँ हैं| और अंततः वह उस व्यक्ति तक पहुँच ही जाता है जिसके लिए उसे मिशन दिया गया था|

फ़िल्म एक किलर के जीवन को दर्शन से भर देती है और किलर को सूत्रधार बनाकर उसके द्वारा दर्शन देती है कि एक बेहद सफल किलर में क्या क्या गुण होने चाहियें|

ऐसे रहो कि लोगों की निगाहों में न आओ, लगभग गायब होकर रहो|

शारीरिक और मानसिक रूप से हमेशा सतर्क, मजबूत, सक्रिय और अपने श्रेष्ठ स्वास्थ्य के साथ रहो|

निगाह सदैव टार्गेट पर|

पहले से योजना बनाकर उस पर अडिग रहो, पल पल उसमें बदलाव मत करो

Anticipate, Don’t improvise.

Trust No one.

सबसे बड़ा सूत्र है बोरियत से सम्बंधित|

अगर तुम बोर हो जाते हो तो यह काम तुम्हारे लिए नहीं है| यहाँ घात लगाकर बैठने में दिनों, हफ़्तों नितांत अकेले रहकर हर पल चौकन्ना रहना पड़ता है, जिससे भूल करने की गुंजाईश ही न बचे|

उदारता और दया के चक्कर में मत फंसो|

किलर को अपने काम से कोई परेशानी नहीं है उसके दिमाग में एकदम स्पष्ट है कि अरबों मनुष्यों से भरी दुनिया में प्रति मिनट कितने बच्चे जन्मते हैं और कितने लोग मरते हैं| और उसके दिमाग में क्रिस्टल क्लियर विचार बसा हुआ है कि उसके अकेले के कर्म से इस दुनिया के अस्तित्व पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला|

किलर इतनी बारीकी से अपने काम के बारे में कमेंट्री करता है कि दर्शक को अचरज में पड़ जाना पड़ता है कि यह अपराधी है या हत्या करने का सिद्धहस्त कलाकार|

किलर योगासन का अभ्यासी है| जब टार्गेट के लिए उसे इंतज़ार करना है वह पूर्ण अनुशासन के साथ अपना समय व्यतीत करता है| एकदम वक्त पर खाना, व्यायाम और आराम| यह सब करते हुए भी उसकी निगाहें उस जगह पर टिकी रहती हैं जहां टार्गेट को आना है|

उसे कुछ भी करते देखना इस बात को दर्शाता है कि यह आदमी कितने ध्यान के साथ अपने हर काम को करता है! किसी भी काम में न कोई आलस, न कोई लापरवाही| वह मुंह को साफ़ करने के लिए अगर एक दिन में पांच बार वाशबेसिन का उपयोग करता है तो बाद में उसे हर बार सेनिटाईज़ करता है जिससे बाद में भी उसकी इस जगह मौजूदगी का कोई प्रमाण किसी को न मिल सके|

उसे इस बात पर भी पूर्ण नियंत्रण रखना है कि जब वह गोली चलाये तो उसके दिल की धड़कन 65 से ज्यादा न हो, इस स्थिति तक उसे शांत रहकर काम करना है|

जब जीवन में पहली बार टार्गेट के पास अचानक हुयी हरकत के कारण उसकी गोली टार्गेट को न लगकर उसके सामने आ गयी स्त्री को लग जाती है तो उसकी शूटिंग स्थल से निकलकर जाने की यात्रा दर्शक को बेचैन भी कर देती है और एक अनूठी फ़िल्म देखते जाने के संतोष से भी भर देती है| दर्शक लगातार सम्मोहित हुआ यह भी सोचता जाता है कि कोई व्यक्ति अपने फन में, अपने काम में, इतना माहिर कैसे हो सकता है? किलर बिना किसी इमोशन के मशीनी सटीकता के साथ अपने एक्जिट प्लान को एक्जीक्यूट करता है|

वह वन मैन आर्मी है, जिसके कई देशों में उसके अपने बसाए हुए ठिकाने हैं और परिस्थिति अनुसार वह अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए श्रेष्ठ निर्णय लेता है और बिजली की गति से अपना काम करता है|

उसे देख ऐसा ही लगता है कि युद्ध कला में पारंगत एक योद्धा भ्रष्ट होकर अपराध की दुनिया में पहुँच गया है|

दुनिया के सबसे अच्छे सर्जन की सटीकता की भांति वह अपने कार्यों को अंजाम देता है| कभी होश नहीं खोता, कभी जोश में नहीं आता|

उसके आत्मविश्वास की हद देखने को मिलती है जब वह अपने शहर में अस्पताल में अपनी गर्लफ्रेंड की देखभाल कर रहे घबराए हुए उसके भाई से कहता है,

Listen very carefully, I promise, I swear to you, nothing like this will ever be allowed to happen again.

सूत्रधार के रूप में वह शुरू में कहता है कि दुआ करना हमारा सामना न हो|

उसे कर्म, कर्मफल, न्याय, और भाग्य आदि किसी बात पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है|

कुशलता में वह, इंसान जितनी कुशलता प्राप्त कर सकता है, सर्वोत्तम है, और नैतिकता में शैतान के स्तर की सम्पूर्णता वाला| जब दर्शक को लगता है कि इन लोगों के साथ शायद वह रहम बारात सकता है और इन्हें जीवित छोड़ सकता है वह तुरंत उन्हें मारकर आगे बढ़ जाता है| उसे जो करना है कुशलतापूर्वक कर जाता है|

डेविड फिंचर ने इस फ़िल्म में अभिनेता माइकल फासबेंडर से एक किलर की भूमिका में जो करवाया है और फ़िल्म में जैसा परिवेश रचा है, वह काबिले तारीफ़ है|

धीरे धीरे तिनका तिनका लाकर जैसे बया अपना घोंसला बुनती है उस अनूठा घोंसले जैसा ही डेविड फिंचर ने अपनी इस फ़िल्म को गढ़ा है|

…[राकेश]


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