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Cinema, Theatre, Music & Literature

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Legends

अज्ञेय … शमशेर बहादुर सिंह  

अज्ञेय से ... https://youtu.be/YUkIqQEsYA8?si=XrcDEpnVTBr8Jo-e

थोड़ा सा … (अशोक वाजपेयी)

एक संवेदनशील और जिम्मेदार कवि अपनी कविता में जीवन में जो कुछ अच्छा है उसकी देखरेख अवश्य ही करता है और किसी भयानक दौर में उस अच्छे को बचाए रख पाने के आशावाद को भी अपनी कविता में समाहित करता... Continue Reading →

फैज़ अहमद फैज़ : भारत यात्राएं

साभार : रविन्द्र कालिया कृत " ग़ालिब छुटी शराब "

जय जगन्नाथ – चलो दिल्ली

अध्याय 2- चलो दिल्ली ------------------------- शिल्पी, प्रोफ़ेसर मयंक के घर उनके स्टडी रूम में बैठी है| चारों ओर रैक्स में किताबें करीने से सजी हुयी हैं| शिल्पी के सामने एक छोटी गोल मेज पर पानी से भरा जग, एक कांच... Continue Reading →

जय जगन्नाथ

अच्छा दीदी ये प्रोफ़ेसर मयंक हेल्प तो कर देंगे न| अरे बोला तो, तू कॉल कर लेना उन्हें, जो कुछ वे बता सकते हैं बताएँगे और किसी और ज्यादा बड़े जानकार का रेफरेंस देना होगा तो वह दे देंगे| कॉल... Continue Reading →

वर्तमान हूँ मैं

Poem - I am, by Helen Mallicoat Hindi Translation - Rakesh Painting - The Persistence of Memory (Salvador Dalí), the famous painting that explores the concept of time, representing the past, present, and future https://youtu.be/jNbxKAf1tjs?si=0TcFRx4-4XV4jr1X

विश्वनाथ प्रताप सिंह : राजनेता का कवि और चित्रकार वाला रूप

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री विश्वनाथ प्रताप सिंह जीवित रहते तो अपना 95वां जन्म दिवस मना रहे होते| उन्हें बहुत सारे लोग भारत का सबसे विवादास्पद प्रधानमंत्री भी कहेंगे। लोकनायक जय प्रकाश नारायण के बाद वही ऐसे राजनेता हुये जिन्होने विपक्ष में रह... Continue Reading →

निर्मला देवी -ओशो-गोविंदा -शास्त्रीय संगीत

पुस्तकें पढने के साथ संगीत सुनना भी ओशो की पसंदीदा रुचियों में से एक रहा| बचपन में कई साल उन्होंने स्वंय बांसुरीवादन किया, लेकिन अपने एक प्रिय मित्र के नदी में डूब जाने के बाद उन्होंने बांसुरी को भी नदी... Continue Reading →

क्या गुलाब नग्न होता है? (पाब्लो नेरुदा)

जीवन-रस का आनंद!

(संत सिद्धार्थ साहित्य) ©

डॉ. अब्दुल कलाम : बेशकीमती सलाह

प्रिय भारतवासियों, आपसे दो शब्द कहने हैं! हमारे यहाँ मीडिया इतना ऋणात्मक क्यों है? भारत में हम लोग क्यों इतना अटपटा महसूस करते हैं अपनी क्षमताओं और उपलब्धियों को पहचानने में? हम एक महान देश हैं| हमारे पास अद्भुत सफलता की... Continue Reading →

‘श्याम फिर एक बार तुम मिल जाते’ : ‘दिनकर जोशी’ की कालजयी कृति

गुजराती साहित्यकार दिनकर जोशी जी ने अपने अदभुत उपन्यास “श्याम फिर एक बार तुम मिल जाते” में कृष्ण के न रहने से उपजी एक पर्वत सी ऊँची पीड़ा को दर्शाने का कठिन काम साधा है। कृष्ण के देहत्याग के बाद पीछे छूट... Continue Reading →

Madhumati(1958): दिलीप कुमार की पतलून की खुली हुयी ज़िपर, शरारत या लापरवाही?

शाहरुख खान के एक विडियो साक्षात्कार/कांफ्रेंस से एक निकाला गया रील नुमा विडियो सोशल मीडिया पर अक्सर ही छाया रहता है जहाँ वे कहते पाए जाते हैं कि उन्होंने अमिताभ बच्चन से पूछा कि सर, स्टेज पर जाने से पहले... Continue Reading →

अमृता शेरगिल : केदारनाथ अग्रवाल

मात्र 28 साल जीवित रहीं विश्वव्यापी ख्याति प्राप्त करने वाली अमृता शेरगिल ने सेल्फ-पोर्टेट भी खूब बनाए और अपने न्यूड सेल्फ पोर्ट्रेट भी बनाए| उनके ऐसे कैमरे से खींचे गए चित्र भी थे| उनकी मृत्यु के 19 साल बाद उनकी... Continue Reading →

शाकाहार या मांसाहार : मनुष्य के लिए क्या श्रेष्ठ (ओशो)

आदमी को, स्वाभाविक रूप से, एक शाकाहारी होना चाहिए, क्योंकि पूरा शरीर शाकाहारी भोजन के लिए बना है। वैज्ञानिक इस तथ्य को मानते हैं कि मानव शरीर का संपूर्ण ढांचा दिखाता है कि आदमी गैर-शाकाहारी नहीं होना चाहिए। आदमी बंदरों... Continue Reading →

अहिंसा, मांसाहार, महावीर : ओशो  

प्रश्न: आपने कहा कि बाह्य आचरण से सब हिंसक हैं। आपने कहा कि बुद्ध और महावीर अहिंसक थे। बुद्ध तो मांस खाते थे, वे अहिंसक कैसे थे? ओशो– मेरा मानना है कि आचरण से अहिंसा उपलब्ध नहीं होती। मैंने यह... Continue Reading →

Chintu Ji (2009): निर्देशक रंजीत कपूर से बातचीत (1)

थियेटर और हिंदी सिनेमा जगत के प्रसिद्द लेखक एवं निर्देशक रंजीत कपूर कुछ अरसा पहले दिल्ली आये थे तो उनसे लम्बी बातचीत हुयी, जिसमें उनकी एक फ़िल्म निर्देशक के तौर पर पहली फ़ीचर फ़िल्म - चिंटू जी, पर भी बात... Continue Reading →

दादा साहब फाल्के : लाइट्स…कैमरा…एक्शन!

साभार : Pratham Books Author: Rupali Bhave; Illustrator : Sunayana Nair Kanjilal; Translator: Deepa Tripathi

Call of The Valley (1967) : एक चरवाहे की दैनन्दिनी

© ...[राकेश]

राज कपूर : श्रेष्ठ फ़िल्मी गीतों के निर्देशक

राज कपूर की फिल्मों के गीत विशाल जनसमूह के ह्रदय को छूने वाले गीत रहे हैं| महासागर जैसे उनके संगीत संसार से 2-3 झलकियाँ भी देख ली जाएँ तो उनकी फिल्मों के संगीत संसार से परिचित होने के लिए वे ही... Continue Reading →

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