बांसुरी का तन बिल्कुल सीधा है, मन में बड़े बल हैं, कितनी बल खाती भावनाओं का कितनी तरह उच्चारण करती है, गीता के बोल तो बाद में सुने लोगों ने, पहले बांसुरी ने ही श्याम के अधरों से लग के... Continue Reading →