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Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music & Literature

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May 2026

तुम्हें याद हो कि न याद हो …

अभिनय अभिनेताओं के लिए ही आरक्षित रहना चाहिए !

...[राकेश] © https://youtu.be/F1Q3iqG8aqw?si=7n1leXgaY4h4sDUE https://youtu.be/YR44z8wxgVc?si=enmBIdjomUrss5IV https://youtu.be/ZtNDMYTnbxI?si=nYXN4iMBGvCJ5PyX https://youtu.be/0LWJZBmARUk?si=7VEw4tlBiH1y1yDz

सुरेन्द्र मोहन पाठक क्या वाकई गलती कर बैठे?

जासूसी, रहस्य रोमांच से भरी किताबें लिखने वाले सभी लेखक, अपनी कहानियों और उपन्यासों में इस दावे को अवश्य ही दर्ज करते हैं कि "कातिल कितना ही होशियार क्यों न हो, हत्या करते हुए कितनी भी सावधानी क्यों न बरते,... Continue Reading →

Maamla Legal hai (Season 2) : केस कमजोर है !

...[राकेश] मामला लीगल है https://cinemanthan.com/2024/03/02/maamla-legal-hai2024/

पुल पार करना खाई, नदी, समंदर पार करना ही होता है !

पुल पार करने सेपुल पार होता है नदी पार नहीं होतीनदी पार नहीं होती नदी में धँसे बिना नदी में धँसे बिनापुल का अर्थ भी समझ में नहीं आता नदी में धँसे बिनापुल पार करने से पुल पार नहीं होतासिर्फ़... Continue Reading →

जीवन और मृत्यु !

...[राकेश] पेंटिंग : Death and Life (Gustav Klimt)

लवर्स (निर्मल वर्मा) : दोस्ती में एक अंतर्मुखी का प्रेम प्रस्ताव

...[राकेश]

जाने वो कैसे लोग थे (Pyaasa 1957)

...[राकेश]

नो बॉस नो … (कृष्ण बिहारी)

© ~ कृष्ण बिहारी

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