मृत्य की दौड़ में है धरा पर हर चीज, हर भाव, जीवन में सभी कुछ अनिश्चित है निश्चित है बस एक मृत्यु | कल कल बहती नदियाँ भी सूख जायेंगीं स्थिर दिखाई देतीं चट्टानें रेत बन कर बह जायेंगीं नदियों... Continue Reading →
"तुमने उस रात को आकाश के तारों तले धरती की उस सुनसान राह पर उस औरत को नहीं अपनाया था, जिससे तुम कह रहे हो तुमने प्रेम किया था"| नायिका- नंदिनी, इस प्रेम उपन्यास के अंत में नायक-सतेन, से कहती... Continue Reading →
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