छैनू के भरोसे पतुनिया के लोगों ने श्याम के एक डेरे पर आक्रमण कर दिया और मार-काट मचाकर कई पुरुषों की ह्त्या कर, स्त्रियों को धमकी दे गए –
श्याम को बता देना कि छैनू आया था, बहुत गर्मी है खून में तो बेशक आ जाए मैदान में|
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बहुत साल पहले की बात है, बतूनिया खाला ने अमीलिया जैसी अपनी अन्य कुटनी बहनों के सहयोग से श्याम का घर विभाजित कर दिया और नया घर बनाने वाले को कहा ,”पुत्तर तेरा घर तो पवित्तर स्थान है, तेरे ऊपर सदा हमारी कृपा रहेगी, तू अपने घर का नाम पतुनिया रख ले, अब तू इस श्याम को कभी चैन से सोने मत देना, मैं और मेरी सारी बहनें तन, मन और धन से तेरे साथ रहेंगे“|
पतुनिया को बतुनिया और अमीलिया खाला के ऊपर भरोसा था उसने कहा,” खाला आज से मेरी सारी भौतिक जरूरतें तुम लोग पूरी करोगे, मेरा एक ही काम होगा, श्याम को बर्बाद करना|”
बतुनिया और अमीलिया दोनों कुटनियां बोलीं – तथास्तु, ऐसा ही होगा भतीजे, अब तू हमें हमारे टॉमी से भी ज्यादा अज़ीज़ रहेगा| हमारी और बहनें भी हमारे कहने से तेरी मदद करती रहेंगी| तू बस इस श्याम को परेशान कर, इतना सता कि यह कभी तरक्की न कर पाए, अपने जैसा बना डाल इसे, जिससे यह भी तेरी ही तरह हमारा पालतू बन जाये|
श्याम और पतुनिया के पड़ोस में ही छैनू भी रहता था| पीलापन लिए हुए त्वचा, छोटा कद, ऑंखें इतनी छोटी कि पता न चलता कि खुली हैं कि बंद| एक नंबर का बदमाश| उसकी एक विशेषता थी कि उसे दुनिया की कोई वस्तु दे दो वह उसकी नक़ल बना कर रख देता| सदियों पहले उसके पूर्वज श्याम के पूर्वजों से अध्यात्मिक साधना सीखने आये थे तो श्याम के पूर्वजों ने बिना किसी हिचक के उन्हें अपने ज्ञान और साधना के तरीकों से परिचित करा दिया| कालांतर में छैनू की इच्छाएं हिलोरे मारने लगीं कि अब उसे ज्यादा से ज्यादा जमीन अपने कब्जे में करनी चाहिए| एक सर्दी की रात उसने श्याम की जमीनों का कुछ हिस्सा हड़प लिया| पर आमने-सामने की लड़ाई में उसे समझ आ गया कि श्याम के घर के लम्बे कद्दावर लोगों से उसके लोग भिड़ नहीं पायेंगे|
उसने पतुनिया की ओर नज़रे इनायत कीं और उसे बताया कि “जो तेरा दुश्मन, वो मेरा भी दुश्मन, पगले, आजा मैं सिखा दूं तुझे वॉर कैसे हो“|
पतुनिया को तो हर उस शख्स से प्रेम था जो श्याम से दुश्मनी रखता था, वह झट से छैनू के खेमे का भी शागिर्द बन गया| पतुनिया ठहरा जन्मजात झगड़ालू, उसने अपने घर के लोगों से भी झगड़े करने शुरू कर दिए| उसके लड़ाई-झगड़ों और बलात्कार, छलात्कार जैसे अत्याचारों से परेशान उसके घर के कुछ लोग श्याम के घर में घुस गए और रुदाली गाने लगे,”
हमें इस कमीनी पतुनिया से बचाओ, बचाओ,
अकड़ती है, बिगड़ती है, हमेशा हम से झगड़ती है
मिज़ाज उसका बड़ा कड़वा, हमारे सिर पर मुसीबत है …
श्याम ने उदारता दिखाते हुए कहा कि ऐसा करो एक नया घर बना लो वहां शान्ति से रहना| श्याम ने उनके लिए नया घर – बगुनिया बनाने में मदद कर दी| पर पतुनिया के खौफ़ से भाग कर आये कुछ लोगों ने नए बने बगुनिया में जाने से इनकार कर दिया और चोरी चुपके से श्याम के कई जगह बने बंगलों के आसपास की जमीनों पर अवैध कब्जे करके रहने लगे| श्याम ने उदारता में देख कर भी अनदेखा किया कि चलो जहाँ इतना बड़ा कुटुंब पल रहा है, ये भी पल जायेंगे|
समय बीतता रहा, छैनू और अमीलिया के बीच कई बातों में ठन गयी| दोनों एक नंबर के शातिर| अमीलिया की आदत थी दुनिया भर में चौधराहट करने की| उसके अपने घर में तेल के कुएं थे पर उसने कहा पहले दुनिया भर का तेल खरीद कर उपयोग में लायेंगे, फिर अपने कुओं से तेल निकालेंगे| उसने छैनू की सस्ती ठेकेदारी करने की काबिलियत पहचान, और अपने यहाँ जल-थल-वायु स्वच्छ रखने के लिए अपने घर से बहुत सारे उद्योग निकाल कर उनके ठेके छैनू को दे दिए कि चल तू अपने यहाँ बना हमारे लिए सामान, तू भी कमा| छैनू निकला उसका भी बाप, उसने सारी तकनीकें चोरी करके अपनी मोहर लगाकर अमीलिया के सामान से बहुत सस्ते दामों पर वैसा ही दिखाई देने वाला सामान बेचना शुरू कर दिया और दुनिया में जगह-जगह जमीनें कब्जे करने की मुहीम में लग गया| अमीलिया के पेट में मरोड़ होनी शुरू हुयी पर अब वह लाचार था उसके घर के व्यापारी छैनू द्वारा उपलब्ध कराये सस्ते मजदूरों से ही काम करना चाहते|
अमीलिया के व्यापारी लोग सारा जोखिम भरा काम छैनू के मोहल्ले में करवाते| अब नक़ल करने वाली प्रजाति सदा ही सावधानी तो बरत नहीं सकती| एक रात एक लैब में एक खतरनाक वायरस पर काम करते हुए विज्ञानियों का युवा जोड़ा आदि मानव के जमाने से प्रचलित कार्य में व्यस्त हो गया और वायरस सरक कर बाहर आ गया और सारी दुनिया में फ़ैल गया|
आपदा समय से पहले आ गयी थी वर्ना अमीलिया के व्यापारियों की योजना थी इस वायरस को समयबद्ध तरीके से दुश्मनों पर इस्तेमाल करने की और तब उसका एंटीडोट वे मुंहमांगे दामों पर बेचते|
पर किस्मत की बात, श्याम के घर वालों ने एंटीडोट बना लिया और अमीलिया के व्यापारियों से बहुत सस्ते दामों पर दुनिया भर में पहुंचा दिया, जो गरीब मुल्क खरीद नहीं सकते थे उन्हें मुफ़्त में दे दिया|
अमीलिया और छैनू, दोनों ही श्याम के इस विकास से जलकर राख हो गए| छैनू ने फिर से श्याम के पहाड़ वाले एक घर पर आक्रमण कर दिया, पर श्याम के परिजनों ने डट कर मुकाबला किया| दोनों पक्ष हथियार न चलाने के समझौते पर साइन कर चुके थे| छैनू के गुंडे ऊँचाई पर थे और वहां से पत्थरों, ईंटों और लोहा आदि फेंककर श्याम के परिजनों पर हमला कर रहे थे| श्याम के परिजनों ने लकड़ी के फट्टों, और डंडों पर लपेटी कंटीली तार और बजरंग बली का नाम लेकर ऊपर की ओर चढ़ाई शुरू कर दी, दो तीन लोगों ने तो हाथों में ही कंटीली तार लपेट ली, कि आओ तुम्हें बाहों में भर कर, इसे चारों लपेट कर ही तुम्हें मार देंगे| ऊपर से फेंके सामान का सामना करते हुए घायल होते होते वे ऊपर पहुँच गए और जम कर छैनू के गुंडों की पिटाई करने लगे| श्याम के 20 परिजन इस आकस्मिक हमले में खेत रहे पर उन्होंने छैनू के कम से कम 50 गुंडे मारे|
छैनू ठहरा शातिर, उसने दुनिया भर के अखबारों और मीडिया में अपने पालतू फैला रखे थे और उसने प्रचारित किया कि मेरे सिर्फ 5 आदमी मारे गए हैं| उसने श्याम के घर में रह रहे बगुनिया के बहुत से लोग भी खरीद रखे थे और कुछ ऐसे लालची परिजन भी जिन्होंने धन के लालच में श्याम के हितों के विरुद्ध माहौल बनाना शुरू कर दिया|
अबकि बार छैनू ने पहले पगुनिया को हथियार भी बेचे, उसके संसाधनों पर कब्ज़ा भी किया, अपने यहाँ से उसके यहाँ तक जाने के लिए पहाड़ों में सड़क भी बनायी| और फिर पगुनिया के लोगों को धकेल दिया श्याम के घर के अन्दर कि जाओ आतंक फैलाओ|
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श्याम के कुछ परिजनों ने उस पर बहुत दबाव डाला कि अपने सम्बन्धियों की सामूहिक ह्त्या का बदला तुरंत लेना होगा| श्याम ने धैर्य बरतने के लिए सबको समझाया और कहा कि मृतकों की तेहरवीं तक हम शांत रहेंगे| उसके बाद आतंकियों को तंदूर में भून देंगे|
13-14 दिनों तक छाई श्याम की चुप्पी से पतुनिया बहुत परेशान था कि क्या बात है कुछ प्रतिक्रिया ही नहीं हुयी| उसने छैनू से चर्चा की तो छैनू ने उसे आगाह किया कि उसके जासूसों ने सूचना भेजी है कि श्याम कुछ कार्यवाही करने के इंतज़ार में है|
पतुनिया को परेशान देख छैनू ने उसे निश्चिंत रहने को कहा कि तेरी सुरक्षा की जिम्मेदारी मेरी है| तेरे घर के चारों ओर मेरी अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली तैनात रहेगी| श्याम के लोग तुझ तक पहुंचे उससे पहले उन्हें ख़त्म कर दिया जाएगा|
14 दिन बीत जाने के बाद श्याम ने पतुनिया के खेमे में सन्देश भेज दिया कि उसके भेजे हत्यारों को खोज कर मारेंगे, बचा सको तो बचा लो|
15वीं रात को श्याम ने अपने परिजनों को पतुनिया के हत्यारे लोगों को चुन चुन कर मारने भेज दिया| पतुनिया को यह देख आश्चर्य हुआ कि छैनू की सुरक्षा प्रणाली किसी काम न आयी और दूर से ही श्याम के जांबाजों ने उसके आदमी मर गिराए|
अगली रात श्याम ने अपने आदमियों के साथ कोई भी आक्रमण न करने और केवल पतुनिया द्वारा किये हमलों का लेखा जोखा बारीकी से रखने की योजना बनायी जिससे पता लगे कि पतुनिया और छैनू के आदमी कहाँ और किस दिशा से आक्रमण कर रहे हैं|
सारा विवरण जान अगली रात श्याम के आदमियों ने इतना जबरदस्त धावा बोला कि पतुनिया के चारों ओर छैनू द्वारा बिछाए सुरक्षा जाल के परखच्चे उड़ गए और उनके शस्त्रागार के पास भी एक बम फोड़ दिया गया|
पतुनिया की समझ पर तो जाले पड़ गए और उसके सोचने समझने की शक्ति समाप्त हो गयी| छैनू ने उसे बड़ी मुश्किल से संभाला और कहा कि दरो मत अभी मेरे पिटारे में जय हथियार हैं| इस छोटी सी जीत से श्याम जीत नहीं जाएगा| तुझे पता है, मुझे पता है कि तेरा कितना नुकसान हुआ है पर दुनिया को तो नहीं पता न| अब तू मेरा जलवा देख, दुनिया भर के अखबारों और मीडिया में मेरे आदमी फैले हुए हैं, वे जब एक सुर में बोलेंगे कि तूने श्याम की धज्जियां उड़ा दीं तो दुनिया उसे ही सच मानेगी| पर तू एक काम और कर,जिस शस्त्रागार में अमीलिया के भेजे हथियार रखे हैं वहां एक एक विस्फोट करवा दे, जिससे अमीलिया और उसकी बहनें तेरे और श्याम के बीच लड़ाई रुकवाने को राजी हों| अमीलिया से कहना कि श्याम के आदमियों ने शस्त्रागार पर बम फेंका|
पतुनिया ने छैनू के बताये पर अमल किया और अमीलिया को तुरंत एक्शन में आना पड़ा| उसने श्याम से निवेदन किया कि पतुनिया को बहुत सजा मिल गयी है अब इस लड़ाई को विराम देना उचित रहेगा| पतुनिया ने कहा है वह कोई बदमाशी आगे न करेगा|
श्याम ने अमीलिया से कहा कि पतुनिया को कह देना कि अब बदमाशी की कोई घटना हुयी तो उसे कोई शक्ति बचा नहीं पायेगी|
और उससे कहना कि छैनू से कहे कि श्याम ने कहा है- छैनू देख श्याम आ गया है!
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