उपरोक्त उद्धरण पीयूष मिश्र के आत्मकथात्मक उपन्यास - तुम्हारी औकात क्या है, से लिए गए हैं| वे अपने कई साक्षात्कारों में भी सूरज बड़जात्या द्वारा निर्देशित "मैंने प्यार किया" की बाबत बता चुके हैं कि राजकुमार बड़जात्या मुंबई से दिल्ली... Continue Reading →
''होगी जय, होगी जय, हे पुरुषोत्तम नवीन! कह महाशक्ति राम के वदन में हुईं लीन।" [ "राम की शक्तिपूजा" - निराला] सूरज बडजात्या के किरदारों या उनकी कहानी की बात है तो सूरज की प्रेरणा का स्रोत रामायण और राम चरित मानस की कहानी और पात्र रहे हैं।... Continue Reading →
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