दूर कोई गाए धुन ये सुनाए

तेरे बिन छलिया रे बाजे न मुरलिया

मन के अंदर हो प्यार की अग्नि

नैना खोये-खोये

के हाय रामा नैन खोये-खोये

अभी से है ये हाल तो आगे

राम जाने क्या होए

नींद नहीं आए बिरहा सताए

तेरे बिन छलिया …

मोरे अँगना लाज का पहरा

पाँव पड़ी ज़ंजीर

के हाय रामा पाँव पड़ी ज़ंजीर

याद किसी की जब-जब आए

लागे जिया पे तीर

के हाय रामा लगे जिया पे तीर

आँख भर आए जल बरसाए

तेरे बिन छलिया …

                           …[राकेश] ©


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