अपना ज़माना आप बनाते हैं अहल-ए-दिलहम वो नहीं कि जिन को ज़माना बना गया जिगर मुरादाबादी का उपरोक्त शेर रॉ अधिकारी हिम्मत सिंह के चरित्र पर बखूबी फबता है| हिम्मत सिंह की शख्सियत मिथकीय गुणों वाली है| उनके गुण, उनका... Continue Reading →
राजेश खन्ना ने बहारों के सपने (1967) से लेकर अनुरोध (1977) के बीच के दस सालों में तकरीबन दो दर्जन हिन्दी फिल्मों में हिन्दी सिनेमा के बेहद अच्छे रोमांटिक दृश्य सिनेमा के परदे पर जीवंत किये, वे संवाद से भरे... Continue Reading →
अभिनेता, निर्माता, निर्देशक, लेखक एवं गीतकार मनोज कुमार के दूर के रिश्ते के भाई धीरज कुमार को हिंदी सिने-संसार में एक अभिनेता के रूप में याद करना चाहें तो थोड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है| सिने दर्शक उन्हें जानते पहचानते... Continue Reading →
भारत में ब्रितानी राज के दौर में द्वितीय विश्व युद्ध के समय वायसरॉय की एक्जीक्यूटिव काउन्सिल में शिक्षा समिति के एक सदस्य थे श्री एन आर सरकार| 1945 में श्री सरकार ने एक रिपोर्ट तैयार की जिसमें आईआईटी की अवधारणा... Continue Reading →
उस दिन संत सिद्धार्थ आये तो हाथ जोड़कर उपस्थित जनों के अभिवादन का उत्तर दिया और अपने स्थान पर शांत बैठ कर सभी की ओर देखने लगे| वे बहुत देर तक मौन रहे| उनके मौन दृष्टिपात की तीव्रता लोगों से सहन... Continue Reading →
मल्लिकार्जुन मंसूर के संगीत संसार में डूबकी लगाकर कवि अशोक वाजपेयी वापिस इस संसार में आते हैं तो अपने संगीत में रमे मल्लिकार्जुन मंसूर की बहुत सी छवियाँ ही नहीं लाते वरन अपनी उत्सुकता से उनके संगीत संसार की संरचना... Continue Reading →
पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर (1910-1992) हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के जयपुर-अतरौली घराने के प्रमुख प्रतिनिधियों में से एक थे| पंडित जी की गायकी ने ख्याल गायन शैली की गहरी समझ, जटिल तानों, और भावनात्मक प्रस्तुति के साथ हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में अपनी... Continue Reading →
अज्ञेय की कविता – असाध्य वीणा, विचार, कल्पना, और भाषा तीनों के स्तर पर एक अनूठी कविता है| कविता बेहद खूबसूरत विम्ब रचते हुए आगे बढ़ती है और पाठक को सम्मोहित करके अपने खूबसूरत संसार में खींच ले जाती है और जब... Continue Reading →
एक संवेदनशील और जिम्मेदार कवि अपनी कविता में जीवन में जो कुछ अच्छा है उसकी देखरेख अवश्य ही करता है और किसी भयानक दौर में उस अच्छे को बचाए रख पाने के आशावाद को भी अपनी कविता में समाहित करता... Continue Reading →
अध्याय 2- चलो दिल्ली ------------------------- शिल्पी, प्रोफ़ेसर मयंक के घर उनके स्टडी रूम में बैठी है| चारों ओर रैक्स में किताबें करीने से सजी हुयी हैं| शिल्पी के सामने एक छोटी गोल मेज पर पानी से भरा जग, एक कांच... Continue Reading →
अच्छा दीदी ये प्रोफ़ेसर मयंक हेल्प तो कर देंगे न| अरे बोला तो, तू कॉल कर लेना उन्हें, जो कुछ वे बता सकते हैं बताएँगे और किसी और ज्यादा बड़े जानकार का रेफरेंस देना होगा तो वह दे देंगे| कॉल... Continue Reading →
Poem - I am, by Helen Mallicoat Hindi Translation - Rakesh Painting - The Persistence of Memory (Salvador Dalí), the famous painting that explores the concept of time, representing the past, present, and future https://youtu.be/jNbxKAf1tjs?si=0TcFRx4-4XV4jr1X
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री विश्वनाथ प्रताप सिंह जीवित रहते तो अपना 95वां जन्म दिवस मना रहे होते| उन्हें बहुत सारे लोग भारत का सबसे विवादास्पद प्रधानमंत्री भी कहेंगे। लोकनायक जय प्रकाश नारायण के बाद वही ऐसे राजनेता हुये जिन्होने विपक्ष में रह... Continue Reading →
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