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Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music & Literature

Category

Hindi

Kamli(2022) : क़ैद में है स्त्री

पाकिस्तानी फ़िल्म "कमली" तीन मुख्य स्त्री चरित्रों और कुछ अन्य स्त्री चरित्रों, और उनके इर्द गिर्द कुछ पुरुषों की मेहमान भूमिकाओं जैसी उपस्थितियों को समेटे हुए स्त्री जगत को दर्शाती है| तीनों मुख्य स्त्री चरित्र अपनी अपनी कैद में हैं|... Continue Reading →

अगम (2022): अध्यात्म की खोज वाया बनारस

संस्कृत भाषा से आये शब्द - अगम, के कई अर्थ हैं -> अनादि, अनंत, निस्सीम, अथाह, बहुत गहरा, समझ की सीमा से बाहर, जहां तक पहुँच न हो, आदि इत्यादि | हिंदी फिल्मों ने अध्यात्म पर हिन्दू दर्शन को समेटने... Continue Reading →

फिर कभी (2008)

निर्देशक वी के प्रकाश द्वारा निर्देशित फ़िल्म - फिर कभी को यूटीवी ने सीधे डीवीडी और डी टी एच पर प्रदर्शित किया था| जिन सालों में वयस्क प्रेम कहानियों पर जोगेर्स पार्क जैसी फ़िल्में बन रही थीं| यह उस दिशा से अलग किस्म की... Continue Reading →

Zid (1976) : लापता फ़िल्म

1976 में प्रदर्शित हुयी फ़िल्म - ज़िद, के अभी 50 साल भी पूरे नहीं हुए लेकिन निर्देशक विजय द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म बहुत सालों से लापता है| चूंकि इसकी डीवीडी और शायद वीसीडी भी कभी प्रदर्शित नहीं हुयी तो वीएचएस... Continue Reading →

लता मंगेशकर एवं भगत सिंह

https://www.youtube.com/watch?v=BUK8fS1C_vM

DevAnand@101 : लता मंगेशकर गीत देव आनंद के लिए

लता मंगेशकर ने गायन में अपनी एक अधूरी रह गई इच्छा के बारे में कहा था कि वे दिलीप कुमार के लिए गीत नहीं गा पायीं और यह संभव भी नहीं था क्योंकि कई अन्य अभिनेताओं की तरह दिलीप कुमार... Continue Reading →

देव आनंद के आंसू

रोमांटिक कॉमेडी फिल्मों में देव साब को देखने की बात ही कुछ है| पचास के दशक के तीन सबसे बड़े नायकों में से एक देव आनंद अपनी फिल्मों में कोशिश करते थे कि उन्हें परदे पर रोने के सीन न करने पड़ें| शायद उन्हें... Continue Reading →

अंखियों के झरोखों से मैंने देखा जो सांवरे…

राजश्री प्रोडक्शन हाउस के अंतर्गत निर्माता ताराचंद बड़जात्या द्वारा निर्मित एवं हिरेन नाग द्वारा निर्देशित फ़िल्म, अंखियों के झरोखों से, मोटे तौर पर  Erich Segal के 1970 में प्रकाशित बहुचर्चित लघु उपन्यास Love Story, जिस पर हॉलीवुड में इसी नाम... Continue Reading →

अज्ञेय और उनकी सहचर स्त्रियाँ

आधुनिक हिंदी साहित्य के संभवतः सबसे बड़े लेखक स.ह.व.अज्ञेय की जीवनी अक्षय मुकुल ने अंगरेजी में लिखी है, ज्ञात नहीं कि अभी तक उसका हिंदी संस्करण प्रकाशित हुआ है या नहीं| पुस्तक में उन्होंने अज्ञेय के जीवन में समय-समय पर... Continue Reading →

तुम्हारी औक़ात क्या है : पीयूष मिश्रा

पीयूष मिश्रा थियेटर संसार में स्टेज पर किस स्तर के अभिनेता हैं, थे या रहे हैं, इस बात की तस्दीक उनके नाटकों के दर्शक, उनके साथ नाटक करने वाले उनके साथी रंगकर्मी, उनके नाटकों के निर्देशक, और उनके अध्यापकगण आदि... Continue Reading →

फीरोजी होठ … धर्मवीर भारती

'धर्मयुग' के यशस्वी संपादक, 'गुनाहों का देवता' 'सूरज का सातवाँ घोडा' और 'अंधायुग' आदि अति प्रसिद्ध पुस्तकों के रचियता डॉ धर्मवीर भारती की लंबी कवितायें खूब सराही जाती रही हैं| एक बेहद गंभीर छवि के स्वामी डॉ भारती की श्रंगार... Continue Reading →

Angry Young Men The Salim Javed Story

सलीम-जावेद द्वारा लिखी गई फिल्मों की सफलता की पतंग आसमान में ऊपर, और ऊपर चढ़ती ही जा रही थी कि पहले ईमान धरम और फिर शान ने उस उड़ान को नीचे गोता लगवा दिया| बीच बीच में डॉन जैसी सुपर... Continue Reading →

Gulzar@90

शेरदिल: द पीलीभीत सागा और प्रकृति प्रेमी गुलज़ार : गुलज़ार घोषित रूप से 90 साल के हो गए हैं| आज भी वे अवसर मिलते ही पूरे संवदेना से हिंदी फ़िल्मी गीतों की सीमाओं का अतिक्रमण करते हुए भी वर्तमान में... Continue Reading →

गुरु दत्त, ओशो और जीने की इच्छा!

कहा जाता है कि अभिनेता-निर्देशक गुरुदत ने आत्महत्या की थी, और इस बात को मानने वाले इस बात को स्वीकार नहीं करते कि शराब और नींद की गोलियों के मिश्रण से यह एक दुर्घटना मात्र भी हो सकती थी पर तब भी... Continue Reading →

Routu Ka Raaz (2024)

उत्तराखंड में मसूरी के पास स्थित एक छोटी सी जगह के एस एच ओ - दीपक नेगी (नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी) मंथर गति से चलायमान इस फ़िल्म के नायक हैं| फ़िल्म में दीपक नेगी का भूतकाल है जिसने उसके वर्तमान को ग्रसित... Continue Reading →

The Miniaturist Of Junagadh (2021)

एक शाम जब, अपने अन्दर जाने कितने दशकों की दास्ताँ समेटे हुये पुश्तैनी घर को छोड़कर जाना है, उस दिन की सुबह कैसी होगी, वृद्ध कलाकार हुसैन के लिए और उसके परिवार (पत्नी - सकीना, और बेटी - नूर) के... Continue Reading →

Tarla (2023)

पीयूष गुप्ता द्वारा निर्देशित फ़िल्म - तरला, जो कला की, विशेषज्ञ , कलाकार एवं वैज्ञानिक तरला दलाल की बायोपिक है और "स्त्री विमर्श" को आधुनिक काल में केंद्र में रखती है| भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री प्रगति पर बनी एक सबसे महत्वपूर्ण फ़िल्म... Continue Reading →

Meryl Streep & John Cazale

2016 में  New York Post में Maureen Callahan द्वारा लिखे अंगरेजी के लेख पर आधारित

Gandhi & Film

रिचर्ड एटनबरो की गांधी और बासु भट्टाचार्य एवं राजकुमार संतोषी ---------------------------------------------------------------------- 50 और 60 के दशक में हिंदी सिनेमा में एक से बढ़कर एक दिग्गज फ़िल्म निर्देशक और हर लिहाज से समर्थ निर्माता उपस्थित थे, बड़े काबिल लेखक फिल्मों के... Continue Reading →

RimJhim ke Tarane leke

एक अकेली छतरी में जब आधे आधे भीग रहे थे, पंक्ति जब गुलज़ार ने रची होगी अपनी फ़िल्म इज़ाजत के एक गीत के लिए, तब बहत संभावना है इस बात की कि उनकी स्मृति में विजय आनंद की फ़िल्म काला बाज़ार... Continue Reading →

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