सलीम-जावेद द्वारा लिखी गई फिल्मों की सफलता की पतंग आसमान में ऊपर, और ऊपर चढ़ती ही जा रही थी कि पहले ईमान धरम और फिर शान ने उस उड़ान को नीचे गोता लगवा दिया| बीच बीच में डॉन जैसी सुपर... Continue Reading →
शेरदिल: द पीलीभीत सागा और प्रकृति प्रेमी गुलज़ार : गुलज़ार घोषित रूप से 90 साल के हो गए हैं| आज भी वे अवसर मिलते ही पूरे संवदेना से हिंदी फ़िल्मी गीतों की सीमाओं का अतिक्रमण करते हुए भी वर्तमान में... Continue Reading →
कहा जाता है कि अभिनेता-निर्देशक गुरुदत ने आत्महत्या की थी, और इस बात को मानने वाले इस बात को स्वीकार नहीं करते कि शराब और नींद की गोलियों के मिश्रण से यह एक दुर्घटना मात्र भी हो सकती थी पर तब भी... Continue Reading →
2016 में New York Post में Maureen Callahan द्वारा लिखे अंगरेजी के लेख पर आधारित
(4) मिली (1975): यहां हृषिदा ने अमिताभ को एक और जटिल किरदार- शेखर, निभाने को दिया। वह अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अकेला रहने को मजबूर है और वह किसी से मिलना नहीं चाहता। वह कोई दुष्ट व्यक्ति नहीं है लेकिन जहां तक बाहरी दुनिया का... Continue Reading →
हृषिदा के साथ अमिताभ बच्चन का जुड़ाव बहुत ही सफल और फलदायी रहा है| अमिताभ को जो एक अच्छा कलाकार होने का सम्मान, उनके पैन इण्डिया सुपर स्टार होने से इतर मिला उसमें सबसे बड़ी भूमिका हृषिकेश मुखर्जी द्वारा निर्देशित फिल्मों में निभाई गई भूमिकाओं... Continue Reading →
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रात के 8 बजे थे, सर्दी अभी शुरू ही हुई थी, मैं (आशुतोष राणा) ओम पुरी साहब के साथ पुष्कर तीर्थ के ब्रह्म कुंड पर बैठा था। हम हिंदी फ़िल्म Dirty Politics की शूटिंग कर रहे थे। बात ही बात... Continue Reading →
”आत्मा की शान्ति में नफा नुस्कान नहीं देखा जाता” (नंदू उर्फ़ नन्द किशोर खत्री, द ब्लू अम्ब्रेला) https://www.youtube.com/watch?v=6xJptj7AVSA https://www.youtube.com/watch?v=qRmPmm7QeIE निम्न वीडियो में जनरल सैम मानेक शॉ को सैनिकों और पाक युद्धबंदी सैनिकों संग देखा जा सकता है| उनकी... Continue Reading →
वर्तमान के अभिनेताओं से उलट, जो राजनीतिक रूप से उदासीन रहते हैं, अभिनेता दिलीप कुमार राजनीति में बेहद सक्रिय रहे| उन्होंने कांग्रेस के लिए बहुत से चुनावों में मोर्चा संभाल कर प्रचार किया| वे अपनी सामाजिक एवं राजनीतिक जिम्मेदारियों से... Continue Reading →
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बासु चटर्जी निर्देशित फ़िल्म - ‘खट्टा मीठा’ को एक पारिवारिक हास्य फ़िल्म के रूप में ही देखा, समझा और याद किया जाता है| पारसी किरदारों पर बनी, अच्छे संगीत और स्वस्थ हास्य से भरपूर फ़िल्म| महान अभिनेता- अशोक कुमार, जिन्हें... Continue Reading →
फ़िल्म – ममता, में संगीतकार रोशन और गीतकार मजरुह सुल्तानपुरी ने सात गीत रचे और गीतों के बोल, उनकी धुनें और उनके गायन पक्ष, तीनों ही क्षेत्रों में हरेक गीत अपने आप में उम्दा श्रेणी का है| उनमें से एक... Continue Reading →
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