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Cinema, Theatre, Music & Literature

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Legends

देव आनंद के आंसू

रोमांटिक कॉमेडी फिल्मों में देव साब को देखने की बात ही कुछ है| पचास के दशक के तीन सबसे बड़े नायकों में से एक देव आनंद अपनी फिल्मों में कोशिश करते थे कि उन्हें परदे पर रोने के सीन न करने पड़ें| शायद उन्हें... Continue Reading →

अज्ञेय और उनकी सहचर स्त्रियाँ

आधुनिक हिंदी साहित्य के संभवतः सबसे बड़े लेखक स.ह.व.अज्ञेय की जीवनी अक्षय मुकुल ने अंगरेजी में लिखी है, ज्ञात नहीं कि अभी तक उसका हिंदी संस्करण प्रकाशित हुआ है या नहीं| पुस्तक में उन्होंने अज्ञेय के जीवन में समय-समय पर... Continue Reading →

फीरोजी होठ … धर्मवीर भारती

'धर्मयुग' के यशस्वी संपादक, 'गुनाहों का देवता' 'सूरज का सातवाँ घोडा' और 'अंधायुग' आदि अति प्रसिद्ध पुस्तकों के रचियता डॉ धर्मवीर भारती की लंबी कवितायें खूब सराही जाती रही हैं| एक बेहद गंभीर छवि के स्वामी डॉ भारती की श्रंगार... Continue Reading →

Angry Young Men The Salim Javed Story

सलीम-जावेद द्वारा लिखी गई फिल्मों की सफलता की पतंग आसमान में ऊपर, और ऊपर चढ़ती ही जा रही थी कि पहले ईमान धरम और फिर शान ने उस उड़ान को नीचे गोता लगवा दिया| बीच बीच में डॉन जैसी सुपर... Continue Reading →

Gulzar@90

शेरदिल: द पीलीभीत सागा और प्रकृति प्रेमी गुलज़ार : गुलज़ार घोषित रूप से 90 साल के हो गए हैं| आज भी वे अवसर मिलते ही पूरे संवदेना से हिंदी फ़िल्मी गीतों की सीमाओं का अतिक्रमण करते हुए भी वर्तमान में... Continue Reading →

गुरु दत्त, ओशो और जीने की इच्छा!

कहा जाता है कि अभिनेता-निर्देशक गुरुदत ने आत्महत्या की थी, और इस बात को मानने वाले इस बात को स्वीकार नहीं करते कि शराब और नींद की गोलियों के मिश्रण से यह एक दुर्घटना मात्र भी हो सकती थी पर तब भी... Continue Reading →

Meryl Streep & John Cazale

2016 में  New York Post में Maureen Callahan द्वारा लिखे अंगरेजी के लेख पर आधारित

Amitabh Bachchan :Director Hrishikesh Mukerjee (2)

(4) मिली (1975): यहां हृषिदा ने अमिताभ को एक और जटिल किरदार- शेखर, निभाने को दिया। वह अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अकेला रहने को मजबूर है और वह किसी से मिलना नहीं चाहता। वह कोई दुष्ट व्यक्ति नहीं है लेकिन जहां तक ​​बाहरी दुनिया का... Continue Reading →

Amitabh Bachchan + Director Hrishikesh Mukerjee (1)

हृषिदा के साथ अमिताभ बच्चन का जुड़ाव बहुत ही सफल और फलदायी रहा है| अमिताभ को जो एक अच्छा कलाकार होने का सम्मान, उनके पैन इण्डिया सुपर स्टार होने से इतर मिला उसमें सबसे बड़ी भूमिका हृषिकेश मुखर्जी द्वारा निर्देशित फिल्मों में निभाई गई भूमिकाओं... Continue Reading →

Veer Zaara : Manoj Bajpeyee

मनमोहन देसाई की सुपरहिट फ़िल्म अमर-अकबर-एंथनी में एक दृश्य है जिसमें इन्स्पेक्टर अमर (विनोद खन्ना), एंथनी (अमिताभ बच्चन) को उसके मोहल्ले से पीट पाट कर लाकर हवालात में बंद कर देता है और हवालात से चोट खाया एंथनी, बाहर अपनी... Continue Reading →

Dillagi (1978) : बसंत, कालीदास, कमल और फूल का प्रेम

...[राकेश]

पंकज उधास और संजय दत्त के फ़िल्मी जीवन के मोड़

....[राकेश]

कविता चौधरी : परलोक की उड़ान के लिए शुभकामनाएं एवं अलविदा

ओम पुरी की अभिनय की पाठशाला

रात के 8 बजे थे, सर्दी अभी शुरू ही हुई थी, मैं (आशुतोष राणा)  ओम पुरी साहब के साथ पुष्कर तीर्थ के ब्रह्म कुंड पर बैठा था। हम हिंदी फ़िल्म Dirty Politics की शूटिंग कर रहे थे। बात ही बात... Continue Reading →

तुम कहाँ हो देव… दिलीप कुमार

देव आनंद को दिलीप कुमार की श्रद्धांजलि (10.12.2011) साभार सन्दर्भ : - 10 दिसंबर 2011 को द हिन्दू में अंगरेजी में छपी श्रद्धांजलि का हिंदी अनुवाद

Field Marshal Sam Manekshaw : Pippa Vs Sam Bahadur

”आत्मा की शान्ति में नफा नुस्कान नहीं देखा जाता” (नंदू उर्फ़ नन्द किशोर खत्री, द ब्लू अम्ब्रेला)                        https://www.youtube.com/watch?v=6xJptj7AVSA https://www.youtube.com/watch?v=qRmPmm7QeIE निम्न वीडियो में जनरल सैम मानेक शॉ को सैनिकों और पाक युद्धबंदी सैनिकों संग देखा जा सकता है| उनकी... Continue Reading →

दिलीप कुमार : परिवार नियोजन

वर्तमान के अभिनेताओं से उलट, जो राजनीतिक रूप से उदासीन रहते हैं, अभिनेता दिलीप कुमार राजनीति में बेहद सक्रिय रहे| उन्होंने कांग्रेस के लिए बहुत से चुनावों में मोर्चा संभाल कर प्रचार किया| वे अपनी सामाजिक एवं राजनीतिक जिम्मेदारियों से... Continue Reading →

जाग के काटी (Leela 2002) : विनोद खन्ना, जगजीत सिंह, और गुलज़ार, की महफ़िल का रतजगा

रिश्तों में गर्माहट का स्थान ठंडक और परस्पर दूरियां ले लें तो इसके लिए उपमा देने के लिए नई सदी में तो गुलज़ार ही श्रेष्ठ विकल्प हो सकते हैं| गुलज़ार के सृजन आवश्यक नहीं कि काल खंड पर सिलसिलेवार ही... Continue Reading →

देव आनंद : अमर प्रेमी !

                         ...[राकेश]

देव आनंद : दिल की उमंगें हैं जवां

....[राकेश]

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