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Cinema, Theatre, Music & Literature

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Legends

गोपाल स्वरूप पाठक : भारत के चौथे उप-राष्ट्रपति

4 अक्तूबर 1982 को उनका निधन हुआ| उनके सुपुत्र आर. एस. पाठक भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश रहे हैं| और वे भारत की ओर से अंतर्राष्ट्रीय अदालत में जज भी रहे| ब्रितानी राज के अधीन भारत से लेकर स्वतंत्र... Continue Reading →

शिव – ओशो

शिव कोई पुरोहित नहीं है। शिव तीर्थंकर हैं। शिव अवतार हैं। शिव क्रांतिद्रष्टा है, पैगम्बर है। वे जो भी कहेंगे, वह आग है। अगर तुम जलने को तैयार हो, तो ही उनके पास आना; अगर तुम मिटने को तैयार हो, तो ही उनके निमंत्रण को स्वीकार करना। क्योंकि तुम मिटोगे तो ही नये का जन्म होगा। तुम्हारी राख पर ही नये जीवन की शुरुआत है।

तुम्हारी हँसी … Pablo Neruda

(Your Laughter – Pablo Neruda) हिंदी अनुवाद – …[राकेश] Painting : Amrita Sher-Gil

महादेव देसाई और रिचर्ड एटनबरो की फ़िल्म – गांधी

गांधी फ़िल्म की विश्व स्तरीय सफलता के बाद के वर्षों में कभी किसी पत्रकार ने बासु भट्टाचार्य से उनके घर जाकर साक्षात्कार लिया था तो उन्होंने रिचर्ड एटनबरो की फ़िल्म - गांधी पर कुछ टिप्पणियाँ करते हुए यह भी कहा... Continue Reading →

दूर न जाना, प्रिये! … (Pablo Neruda)

Don’t Go Far Off (Pablo Neruda) हिन्दी अनुवाद :-   …[राकेश] Painting : Vincent Von Gogh

PremShashtra 1974 : एक विवादास्पद प्रेमकहानी

देव आनंद हिंदी सिनेमा के बड़े सितारों में फ़िल्म का विषय चुनने में सबसे साहसी अभिनेता रहे हैं| जिन विषयों की तरह सुपर स्टार मुंह करके सांस भी न लें कि अगर पत्रकारों को ऐसी भी भनक लग गयी कि उन्होंने... Continue Reading →

Jewel Thief (1967) : बेशकीमती संगीतमयी सस्पेंस थ्रिलर

अगर थ्रिलर फिल्मों की बात छिड़ ही जाए तो हिंदी सिनेमा मुख्य तौर पर दो हिस्सों में बंटता है, विजय आनंद की ज्वैल थीफ से पहले और इसके बाद| और दोनों ही कालों में एक भी फ़िल्म इसकी बराबरी में खड़े होने लायक नहीं... Continue Reading →

मुनादी…सत्ता की निरंकुशता के विरुद्ध (धर्मवीर भारती)

खलक खुदा का, मुलुक बाश्शा का हुकुम शहर कोतवाल काहर खासो-आम को आगह किया जाता हैकि खबरदार रहेंऔर अपने-अपने किवाड़ों को अन्दर सेकुंडी चढा़कर बन्द कर लेंगिरा लें खिड़कियों के परदेऔर बच्चों को बाहर सड़क पर न भेजेंक्योंकिएक बहत्तर बरस... Continue Reading →

लोकतंत्र …

लोकतंत्र नहीं आएगा आज, इस साल, या और कभी …समझौतों और भय के द्वारा तो कभी नहीं आएगा!  मेरा भी उतना ही अधिकार है जैसे किसी और का है अपने पैरों पर खड़े होने का और जमीन का टुकड़ा लेने... Continue Reading →

प्रेम – एक व्याख्या

मैत्री,सख्य, प्रेम – इन का विकास धीरे-धीरे होता है ऐसा हम मानते हैं: ‘प्रथम दर्शन से ही प्रेम’ की सम्भावना स्वीकार कर लेने से भी इस में कोई अन्तर नहीं आता| पर धीरे-धीरे होता हुआ भी यह सम गति से... Continue Reading →

अलबर्ट कामू द्वारा अपने शिक्षक को लिखा आभार पत्र

विश्व प्रसिद्ध दार्शनिक, अल्जीरिया में जन्में और फ़्रांस में वास करने वाले अलबर्ट कामू (7 November 1913 – 4 January 1960) को 1957 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला तो उन्होंने अपने शिक्षक रहे Louis Germain का आभार व्यक्त करने के लिए उन्हें एक खुला पत्र लिखा, क्योंकि... Continue Reading →

माँ – अदभुत रूप

काशी दशाश्वमेघ घाट पर अनेक छोटे-बड़े मंदिर हैं, उन्ही में से एक छोटा- सा मंदिर गंगा में अधडूबा सा है, नौका-विहार करते समय एक मल्लाह  ने मुझे उस भग्न अध डूबे मंदिर की कहानी सुनाई| ************************************************************************************************************ एक बूढ़ी विधवा थी,... Continue Reading →

कैसे हो द्वारकाधीश?… पूछती है राधा

स्वर्ग में विचरण करते हुएअचानक एक दूसरे के सामने आ गए विचलित से कृष्ण, प्रसन्नचित सी राधा… कृष्ण सकपकाए,राधा मुस्काई… इससे पहले कृष्ण कुछ कहतेराधा बोल उठी… कैसे हो द्वारकाधीश? जो राधा उन्हें कान्हा कान्हा कह के बुलाती थी उसके... Continue Reading →

Tonight I Can Write …Pablo Neruda

Pablo Neruda द्वारा 1924 में लिखे कविता संग्रह [Veinte poemas de amor y una cancion desesperada] का अंगरेजी अनुवाद W. S. Merwin ने 1969 में Twenty Love Poems and a Song of Despair के रूप में किया| उसी अंगरेजी अनुवाद... Continue Reading →

नरेश कुमार ‘शाद’ : परिचय एवं शायरी

हर शब्द का अर्थ ज़रूर होता है, फिर शब्द अगर शब्दों के जादूगरों की कलम की पैदाइश हों तो  तो क्या कहिये! यूँ सभी श्रद्धेय हैं पर आधुनिक युग के ये हजरात – जैसे साहिर लुधियानवी साहिब, कृष्ण बिहारी नूर... Continue Reading →

अभी कई बातें …(Sándor Weöres)

अभी तो कहने को कई बातें शेष हैं, घटनाएं जिन्हें हमने जिया, बातें जो हमने सीखीं, वस्तुएं जिन्हें हमने देखा, और मुलाकातें जो कई बार हुईं और वे मुलाकातें जो हुईं सिर्फ एक ही बार होकर रह गयीं, हर फूल... Continue Reading →

Phenomenal Woman : Maya Angelou

अद्भुत स्त्री ---------------------- https://www.youtube.com/watch?v=MNtZ8BNkoUI https://www.youtube.com/watch?v=lAfPWTZh5uw https://www.youtube.com/watch?v=GD5Jhc0S320

And Still I Rise : Maya Angelou

तुम मुझे पराजित हुआसाबित कर सकते हो स्वयं गढ़े इतिहास के पन्नों मेंअपनी कड़वाहट और तोड़ मरोड़ कर परोसे गए झूठों के जरियेतुम मुझे धूल -धूसरित कर सकते होपर मैं तब भी धूल की तरह ही उठ जाउंगी| क्या मेरी... Continue Reading →

श्याम बेनेगल का भारतीय परिवेश से भरा सिनेमा

श्याम बेनेगल का सिनेमा वर्तमान के "Make in India" नारे पर विशुद्ध रूप से खरा उतरता है| श्याम बेनेगल की विविधता से भरी फिल्मोग्राफी इतनी संपन्न है कि भारत के सामजिक-राजनीतिक इतिहास को देखने, जानने और समझने के लिए दर्शक की... Continue Reading →

Who am I (1998)

जैकी चैन के मनोरंजक सिने संसार में प्रवेश करने का कार्य इस फ़िल्म के माध्यम से पूरा किया जा सकता है| इस फ़िल्म में कई फिल्मों को देखने का आनंद प्राप्त होता है| इसमें स्पाई फिल्मों की रहस्यमय दुनिया है, साजिशें... Continue Reading →

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