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Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music & Literature

घायल हिंदी सिनेमा : रीस्टार्ट का समय (HK Verma)

बॉलीवुड की चमक फीकी पड़ती जा रही है, इसकी जगह एक कठोर वास्तविकता ने ले ली है कि यह एक ऐसे संकट से घिर गया है जो इसने खुद ही पैदा किया है। अत्यधिक बजट में चौंका देने वाला सबसे... Continue Reading →

रचनाकार है कौन?

प्रतीत तो ऐसा ही होता हैरचनाकार को कि उसके द्वारा ही रचा जा रहा हैपर क्या रचने वाला वास्तव में   रचनाकार का “मैं” ही होता है?तब,कभी एक बाल मन,कभी एक किशोर मन,कभी एक युवा मन,कभी एक प्रौढ़ मन,और एक... Continue Reading →

पुनर्मिलन

होली की बहारें

भारतीय संस्कृति ने सदा जनमानस में कविता, दर्शन और गायकी द्वारा रंग, उमंग और उल्लासमयी जीवन भरे हैं। अनेकता में एकता के नूर की यह शहदीय बूँद बंटवारे की राजनीति की एंटीडोट है। भारत की मिश्रित संस्कृति के सुनहरे आकाश... Continue Reading →

बेग़म अख्तर : मेहर बाबा के दरबार में

7 अक्तूबर 1914 को जन्मीं अख्तरी बाई फैजाबादी 13 वर्ष की आयु की ही थीं जब एक कामांध धनपशु ने उन्हें यौनहिंसा का शिकार बनाया| उस दुर्घटना के फलस्वरूप उत्पन्न कन्या को बहुत सालों तक अख्तरी बाई की छोटी बहन... Continue Reading →

मरते बुजुर्ग की अंतिम कविता

चिड़चिड़ा बूढ़ा आदमी (Cranky Old Man) ---------------------------------------------- नर्स, तुम मेरी ओर देखती हो... तुम क्या देखती हो? मेरी तरफ़ देख कर तुम क्या सोचती हो? क्या मैं तुम्हें एक चिड़चिड़ा बूढ़ा आदमी दिखाई देता हूँ? जो बहुत समझदार नहीं है,... Continue Reading →

Burman Vs Barman (Sachin Dev + Rahul Dev)

हिंदी फ़िल्म संगीत के महारथी पिता- पुत्र ( सचिन देव बर्मन एवं राहुल देव बर्मन) की जोड़ी के कोलकाता स्थित घर की जर्जर हालत के फोटो में घर के बाहर लगी नेमप्लेट भी सामने आती है| और पत्थर की शिला... Continue Reading →

स्त्री सुरक्षा?

यूँ ही एक शाम मैं अपने मेट्रोपॉलिटन शहर की भीड़ भरी सड़कों पर पार्टी मनाने के लिए अपनी एक सहेली के साथ निकल पड़ी! वे बड़ी संख्या में आए और हमारे शरीर का उत्पीड़न करने लगे, लेकिन अपनी सुरक्षा की... Continue Reading →

सांप – (अज्ञेय)

सांप तुम सभ्य तो हुए नहीं, नगर में बसना भी तुम्हें नहीं आया। एक बात पूछूँ-- (उत्तर दोगे?) तब कैसे सीखा डसना... विष कहाँ पाया?

असाध्य वीणा : अज्ञेय

कविता – असाध्य वीणा, विचार, कल्पना, और भाषा तीनों के स्तर पर एक अनूठी कविता है| कविता बेहद खूबसूरत विम्ब रचते हुए आगे बढ़ती है और पाठक को सम्मोहित करके अपने खूबसूरत संसार में खींच ले जाती है और जब तक... Continue Reading →

मौन का एक क्षण (Emmanuel Ortiz)

हिंदी अनुवाद --- ...[राकेश] https://www.youtube.com/watch?v=vGoBlrYNwHo

निष्फल कुछ नहीं – (टैगोर)

भारत के गौरव गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर, एक मानवतावादी, प्रकृतिविद, कवि, चित्रकार, संगीतकार, लेखक, शिक्षाविद, और भारतीय संस्कृति एवम कला के ध्वजवाहक रहे हैं, वे देशों की सीमाओं को पार कर गये हैं और पिछले सौ सालों से भी ज्यादा समय से... Continue Reading →

गांधी बनाम हिटलर

Mahandi (1994) : एक पिता की मार्मिक कथा

80 के दशक के अंत में और 90 के दशक के शुरू में दो घटनाएं हुईं| तमिलनाडू के एक राजनेता पर पीडोफ़ाइल्‌ होने के आरोप लगे थे, उससे पहले भी एक राज्य के मुख्यमंत्री पर ऐसे आरोप लगे थे और इलस्ट्रेटेड... Continue Reading →

Jalwa (1987)

Martin Brest की प्रसिद्द फ़िल्म Beverly Hills Cops (1984) से प्रेरित होकर पंकज पाराशर ने जलवा बनायी थी जिसे, खट्टा मीठा, और चश्मे बद्दूर, जैसी रोचक मध्यमार्गी फ़िल्में निर्मित करने वाले निर्माता गुल आनंद का भरपूर सहयोग मिल गया| भारत... Continue Reading →

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनाम अमेरिकी राष्ट्रपति – Love Actually 2003

सिनेमा, साहित्य की तरह उस काल का ही दर्पण नहीं होता कभी कभी वह वर्तमान को देख कर आगे की घटनाओं का पूर्व अनुमान भी लगा लेता है | वर्तमान में जो अमेरिका में घट रहा है वह बिलकुल भी... Continue Reading →

सूरज की ठिठोली

Pic : Sunrise @ Promenade Beach, Pondicherry, 6.39 AM, December 25, 2024 

The worst is not death 

You Say You Love…

Original Poem by Bob Marley

So you want to be a writer?

अमेरिकन पिता और जर्मन माता की संतान के रूप में सन 1920 में जन्मे Charles Bukowski 24 वर्ष की उम्र में अपनी पहली कहानी छपवा पाए और उनकी पहली कविता तब छपी जब वे 35 साल के थे| 39 वर्ष की आयु... Continue Reading →

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