देव आनंद को दिलीप कुमार की श्रद्धांजलि (10.12.2011) साभार सन्दर्भ : - 10 दिसंबर 2011 को द हिन्दू में अंगरेजी में छपी श्रद्धांजलि का हिंदी अनुवाद
https://www.youtube.com/embed/_2I6inFlQR4?si=3O4Pxubn65X5FXta https://www.youtube.com/embed/mk2bciQw-MM?si=ZTjuV-O-zj3O2IRV https://www.youtube.com/embed/M-_S4GBf-Go?si=sUC3uCYNnH39Y7fK https://www.youtube.com/embed/kv87jmRp7zo?si=flCZ2xiTatSfQCpH https://www.youtube.com/embed/QOTTbsHI2-Q?si=GQkG1Xsik63AzqDW ...[राकेश] [ तुम महकती जवां चाँदनी हो (प्यासे दिल 1974) : मुकेश के सिरमौर रत्नों में से एक ]
https://www.youtube.com/watch?v=6PYsyl4xBDA ...[राकेश] धर्म (Dharm(2007) : दिल न मंदिर, न मस्जिद, न गिरजा, न गुरुद्वारा),
”आत्मा की शान्ति में नफा नुस्कान नहीं देखा जाता” (नंदू उर्फ़ नन्द किशोर खत्री, द ब्लू अम्ब्रेला) https://www.youtube.com/watch?v=6xJptj7AVSA https://www.youtube.com/watch?v=qRmPmm7QeIE निम्न वीडियो में जनरल सैम मानेक शॉ को सैनिकों और पाक युद्धबंदी सैनिकों संग देखा जा सकता है| उनकी... Continue Reading →
चेतावनी : कमजोर ह्रदय के श्रोता, विशेषकर प्रेम में वियोग झेल रहे व्यक्ति, और ऐसे व्यक्ति जिन्होंने कभी भी जीवन में सच में प्रेम को जीवन में जिया हो, इस गीत को रात की तन्हाइयों में लगातार न सुनें| उर्दू... Continue Reading →
बात बहुत पुरानी नहीं है। वक्त केथोड़े ही वक्फे भूत हुए होंगे जब डंकी लोग, अर्थात गर्दभ/गधे इस बार मनुष्य के साथ आर पार की लड़ाई करने के मूड में आ गये और सारे गधों को गाँव के बाहर एक... Continue Reading →
[ सालहा साल और एक लम्हाकोई भी तो ना इनमे बल आया खुद ही एक दर पर मैंने दस्तक दीखुद ही लड़का सा मैं निकल आया उर्दू शायरी के गुलशन में हज़ारों फूलों ने अहसास की अमिट खुशबू बिखेरी है... Continue Reading →
दूर कोई गाए धुन ये सुनाए तेरे बिन छलिया रे बाजे न मुरलिया मन के अंदर हो प्यार की अग्नि नैना खोये-खोये के हाय रामा नैन खोये-खोये अभी से है ये हाल तो आगे राम जाने क्या होए नींद नहीं... Continue Reading →
राधिका : सुनंदा मौसी, प्लीज अपनी शादी से पहले मेरे कॉलेज में कृष्ण नाटक करवा दो न| मैंने अपनी ड्रामा टीचर से कह दिया है कि वार्षिक उत्सव के लिए नाटक मैंने तैयार कर लिया है और बस अब अभ्यास... Continue Reading →
छूत की बीमारियाँ यों कई हैं; पर डर-जैसी कोई नहीं। इसलिए और भी अधिक, कि यह स्वयं कोई ऐसी बीमारी है भी नहीं-डर किसने नहीं जाना? – और मारती है तो स्वयं नहीं, दूसरी बीमारियों के ज़रिये। कह लीजिए कि... Continue Reading →
वर्तमान के अभिनेताओं से उलट, जो राजनीतिक रूप से उदासीन रहते हैं, अभिनेता दिलीप कुमार राजनीति में बेहद सक्रिय रहे| उन्होंने कांग्रेस के लिए बहुत से चुनावों में मोर्चा संभाल कर प्रचार किया| वे अपनी सामाजिक एवं राजनीतिक जिम्मेदारियों से... Continue Reading →
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