''होगी जय, होगी जय, हे पुरुषोत्तम नवीन! कह महाशक्ति राम के वदन में हुईं लीन।" [ "राम की शक्तिपूजा" - निराला] सूरज बडजात्या के किरदारों या उनकी कहानी की बात है तो सूरज की प्रेरणा का स्रोत रामायण और राम चरित मानस की कहानी और पात्र रहे हैं।... Continue Reading →
क्या दिलीप कुमार और भारत रत्न के बीच कुछ फासले हैं? यह तो सर्वत्र स्वीकृत बात है कि हिन्दी सिनेमा में नायक की भूमिकाएं निभाने वाले अभिनेताओं में वे चुनींदा सर्वश्रेष्ठ अभिनेताओं में से एक रहे हैं बल्कि हिन्दी सिने... Continue Reading →
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धोबी घाट उर्फ मुम्बई डायरीज एक अच्छी फिल्म है। पहली बार निर्देशन की बागडोर संभाल रही किरण राव की इस फिल्म में रोचक कथ्य है और उसे प्रस्तुत करने का उतना ही रोचक तरीका भी है। किरण राव के निर्देशन... Continue Reading →
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बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे बोल ज़बाँ अब तक तेरी है तेरा सुतवाँ जिस्म है तेरा बोल कि जाँ अब तक तेरी है देख के आहंगर की दुकां में तुंद हैं शोले सुर्ख़ है आहन खुलने लगे क़ुफ़्फ़लों के... Continue Reading →
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कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से कहीं भी जाऊँ मेरे साथ-साथ चलते हैं (बशीर बद्र) मैं रोया परदेश में भीगा माँ का प्यार, दुख ने दुख से बात की बिन चिट्ठी बिन तार निदा फाज़ली के ही दोहे... Continue Reading →
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