

भारतीय दर्शकों को खटक सकता है नसीम की भूमिका को विदेशी अभिनेत्री Kristin Kreuk से करवाया जाना। शुरु में उन्हे एक मुस्लिम महिला के रुप में स्वीकार करने में कठिनाई भी होती है पर यह एक हॉलीवुड प्रोडक्शन है और उन्होने अपने यहाँ की व्यवसायिक जरुरतों को ध्यान में रखकर नायक-नायिका दोनों की भूमिका विदेशी अभिनेताओं को दी है। Jimi Mistry के पिता जरुर भारतीय मूल के थे पर Jimi ब्रिटेन में ही जन्मे और पले और बड़े हुये हैं।
हालाँकि शुरुआत की छोटी-मोटी हिचकिचाहट को छोड़कर वे जल्दी ही ज्ञान के रुप में दर्शक को स्वीकार होने लगते हैं।
बहुत सारी सहायक भूमिकायें भारतीय अभिनेताओं ने निभाई हैं। इरफान खान के अलावा फिल्म में विनय पाठक, डॉली अहलूवालिया, मधुर जाफरी, जैसे कलाकार उपस्थित हैं और चारों ने बड़े अच्छे ढ़ंसे अपनी अपनी भूमिकायें निभाई हैं।
फिल्म की सिनेमेटोग्राफी बहुत अच्छी है। आश्चर्य की बात है कि कुछ दृष्य़ों को छोड़कर लगभग सारी फिल्म की शूटिंग कनाडा में ही सेट लगाकर की गयी थी। सेट-डिजायनिंग बहुत अच्छी है।
गदर देखने के बाद भी इस फिल्म को देखना बासी अहसास नहीं लाता और विषय के अलग तरह के ट्रीटमेंट के कारण फिल्म आकर्षित करती है। शुरुआत से ही ऐसा प्रतीत होने लगता है कि फिल्म हॉलीवुड के व्याकरण के मानकों के अनुरुप बनायी गयी है।
गदर से इसकी तुलना करें तो कुछ बातों में गदर अच्छी लगती है और कुछ में Partition ज्यादा भाती है।
© …[राकेश]
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