इंसान के लिए हँसना तो बहुत जरुरी है| यह अच्छे स्वास्थ्य, मानसिक एवं शारीरिक, का द्योतक भी है और हंसने से व्यक्ति का मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य सुधरता भी है| जैसे पौ फट रही हो जंगल में यूँ कोई मुस्कुराए... Continue Reading →
हृषिकेश मुखर्जी एक महान फ़िल्म निर्देशक होने के साथ-साथ अच्छे संगीत के भी पारखी थे और यह उनकी फिल्मों के उच्च स्तरीय संगीत से स्पष्ट हो जाता है| हृषिदा की फिल्मों में संगीत इतना बहुपक्षीय और बहुरंगी रहा है कि इस बात... Continue Reading →
(4) मिली (1975): यहां हृषिदा ने अमिताभ को एक और जटिल किरदार- शेखर, निभाने को दिया। वह अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अकेला रहने को मजबूर है और वह किसी से मिलना नहीं चाहता। वह कोई दुष्ट व्यक्ति नहीं है लेकिन जहां तक बाहरी दुनिया का... Continue Reading →
Recent Comments