बाबाजी तुम ब्रह्मचारीतुम्हारी सोच के अनुसारऔरत नरक का द्वार। लेकिनमैं तो ब्रह्मचारी नहींदिखने में भीढ़ोंगी- पुजारी नहींमेरे लिये तोहर औरत खूबसूरत हैबशर्ते यह किवह औरत हो। तुमने जिसे नकाराधिक्काराऔर अस्पर्श्य विचारा हैउसके आगे मैंने तोसमूचा जीवन हारा है। मेरी दृष्टि... Continue Reading →
यूँ ही एक शाम मैं अपने मेट्रोपॉलिटन शहर की भीड़ भरी सड़कों पर पार्टी मनाने के लिए अपनी एक सहेली के साथ निकल पड़ी! वे बड़ी संख्या में आए और हमारे शरीर का उत्पीड़न करने लगे, लेकिन अपनी सुरक्षा की... Continue Reading →
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