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Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music & Literature

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Movies

Kooki (2024) : कानूनी छ्लात्कार

कूकी, फ़िल्म की 16 वर्षीय नायिका (रितिषा खौंड) का नाम भी है और फ़िल्म का शीर्षक भी| गैंग रेप की शिकार नायिका के बलात्कारियों को पुलिस पकड़ लेती है, अदालत सजा भी दे देती है लेकिन कूकी को इससे राहत... Continue Reading →

Aye Zindagi (2022) : दुःख अपने पराये

दुःख ऐसा भाव है मनुष्य के जीवन में कि इसमें कुछ कहावतें एकदम सटीक बैठती हैं पर उपदेश कुशल बहुतेरे जाके पाँव न फटे बिवाई सो क्या जाने पीर पराई किसी दूसरे पर जब दुःख का साया पड़ता है तो... Continue Reading →

Sharda(1957): प्रेमिका सुहागन प्रेमी के पिता की

कल्पना कीजिये कि एक युवक की प्रेमिका परिस्थितिवश उसकी माँ बन जाये तो क्या हो? ऐसे रिश्ते से उपजे जटिल समीकरण को सुलझाने के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित दक्षिण और हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक एल वी... Continue Reading →

Kamli(2022) : क़ैद में है स्त्री

पाकिस्तानी फ़िल्म "कमली" तीन मुख्य स्त्री चरित्रों और कुछ अन्य स्त्री चरित्रों, और उनके इर्द गिर्द कुछ पुरुषों की मेहमान भूमिकाओं जैसी उपस्थितियों को समेटे हुए स्त्री जगत को दर्शाती है| तीनों मुख्य स्त्री चरित्र अपनी अपनी कैद में हैं|... Continue Reading →

अगम (2022): अध्यात्म की खोज वाया बनारस

संस्कृत भाषा से आये शब्द - अगम, के कई अर्थ हैं -> अनादि, अनंत, निस्सीम, अथाह, बहुत गहरा, समझ की सीमा से बाहर, जहां तक पहुँच न हो, आदि इत्यादि | हिंदी फिल्मों ने अध्यात्म पर हिन्दू दर्शन को समेटने... Continue Reading →

फिर कभी (2008)

निर्देशक वी के प्रकाश द्वारा निर्देशित फ़िल्म - फिर कभी को यूटीवी ने सीधे डीवीडी और डी टी एच पर प्रदर्शित किया था| जिन सालों में वयस्क प्रेम कहानियों पर जोगेर्स पार्क जैसी फ़िल्में बन रही थीं| यह उस दिशा से अलग किस्म की... Continue Reading →

Zid (1976) : लापता फ़िल्म

1976 में प्रदर्शित हुयी फ़िल्म - ज़िद, के अभी 50 साल भी पूरे नहीं हुए लेकिन निर्देशक विजय द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म बहुत सालों से लापता है| चूंकि इसकी डीवीडी और शायद वीसीडी भी कभी प्रदर्शित नहीं हुयी तो वीएचएस... Continue Reading →

लता मंगेशकर एवं भगत सिंह

https://www.youtube.com/watch?v=BUK8fS1C_vM

DevAnand@101 : लता मंगेशकर गीत देव आनंद के लिए

लता मंगेशकर ने गायन में अपनी एक अधूरी रह गई इच्छा के बारे में कहा था कि वे दिलीप कुमार के लिए गीत नहीं गा पायीं और यह संभव भी नहीं था क्योंकि कई अन्य अभिनेताओं की तरह दिलीप कुमार... Continue Reading →

देव आनंद के आंसू

रोमांटिक कॉमेडी फिल्मों में देव साब को देखने की बात ही कुछ है| पचास के दशक के तीन सबसे बड़े नायकों में से एक देव आनंद अपनी फिल्मों में कोशिश करते थे कि उन्हें परदे पर रोने के सीन न करने पड़ें| शायद उन्हें... Continue Reading →

Hip Hip Hurray (1984)

प्रकाश झा की इस फ़िल्म हिप हिप हुर्रे में गुलज़ार स्क्रीनप्ले और संवाद+गीत लेखक के रूप में जुड़े हुए हैं सो बहुत हद तक यह गुलज़ार की भी फ़िल्म है| गुलज़ार की परिचय में जीतेंद्र के चरित्र को अपने योग्य नौकरी मिलने तक के काल में अपने... Continue Reading →

Angry Young Men The Salim Javed Story

सलीम-जावेद द्वारा लिखी गई फिल्मों की सफलता की पतंग आसमान में ऊपर, और ऊपर चढ़ती ही जा रही थी कि पहले ईमान धरम और फिर शान ने उस उड़ान को नीचे गोता लगवा दिया| बीच बीच में डॉन जैसी सुपर... Continue Reading →

Routu Ka Raaz (2024)

उत्तराखंड में मसूरी के पास स्थित एक छोटी सी जगह के एस एच ओ - दीपक नेगी (नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी) मंथर गति से चलायमान इस फ़िल्म के नायक हैं| फ़िल्म में दीपक नेगी का भूतकाल है जिसने उसके वर्तमान को ग्रसित... Continue Reading →

The Miniaturist Of Junagadh (2021)

एक शाम जब, अपने अन्दर जाने कितने दशकों की दास्ताँ समेटे हुये पुश्तैनी घर को छोड़कर जाना है, उस दिन की सुबह कैसी होगी, वृद्ध कलाकार हुसैन के लिए और उसके परिवार (पत्नी - सकीना, और बेटी - नूर) के... Continue Reading →

Tarla (2023)

पीयूष गुप्ता द्वारा निर्देशित फ़िल्म - तरला, जो कला की, विशेषज्ञ , कलाकार एवं वैज्ञानिक तरला दलाल की बायोपिक है और "स्त्री विमर्श" को आधुनिक काल में केंद्र में रखती है| भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री प्रगति पर बनी एक सबसे महत्वपूर्ण फ़िल्म... Continue Reading →

Meryl Streep & John Cazale

2016 में  New York Post में Maureen Callahan द्वारा लिखे अंगरेजी के लेख पर आधारित

Gandhi & Film

रिचर्ड एटनबरो की गांधी और बासु भट्टाचार्य एवं राजकुमार संतोषी ---------------------------------------------------------------------- 50 और 60 के दशक में हिंदी सिनेमा में एक से बढ़कर एक दिग्गज फ़िल्म निर्देशक और हर लिहाज से समर्थ निर्माता उपस्थित थे, बड़े काबिल लेखक फिल्मों के... Continue Reading →

RimJhim ke Tarane leke

एक अकेली छतरी में जब आधे आधे भीग रहे थे, पंक्ति जब गुलज़ार ने रची होगी अपनी फ़िल्म इज़ाजत के एक गीत के लिए, तब बहत संभावना है इस बात की कि उनकी स्मृति में विजय आनंद की फ़िल्म काला बाज़ार... Continue Reading →

Mandi (1983)

हिंदी सिनेमा में तवायफों के जीवन को हमेशा ही बहुत ग्लैमराइज़ किया गया था| श्याम बेनेगल ने हिंदी सिनेमा के उस तरीके से उलट 1983 में मंडी बनाकर प्रदर्शित कर दी और इसे देखना तवायफों का जीवन श्याम बेनेगल की... Continue Reading →

Panic Room (2002)

David Fincher  की फ़िल्म - Panic Room, दर्ऊशक को लगातार तनाव में रखने वाला थ्रिलर है, जो एक स्त्री चरित्र के साहस, मुसीबत में भी धैर्य बनाए रखकर उसकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और एक दृढ निश्चय कि वह अपनी... Continue Reading →

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