रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया

मैंने दिल तुझको दिया,  मैंने दिल तुझको दिया

ओ रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया

नैनों में थी प्यार की रौशनी

तेरी आँखों में ये दुनियादारी न थी

तू और था, तेरा दिल और था

तेरे मन में ये मीठी कटारी न थी

मैं जो दुख पाऊँ तो क्या, आज पछताऊँ तो क्या

मैंने दिल तुझको दिया, मैंने दिल तुझको दिया

ओ रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया

 

उस देस में तेरे परदेस में

सोने-चाँदी के बदले में बिकते हैं दिल

इस गाँव में, दर्द की छाँव में

प्यार के नाम पर ही धड़कते हैं दिल

चाँद तारों के तले, रात ये गाती चले

मैंने दिल तुझको दिया, मैंने दिल तुझको दिया

ओ रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया

याद आती रही, दिल दुखाती रही
अपने मन को मनाना न आया हमें
तू न आए तो क्या, भूल जाए तो क्या
प्यार करके भुलाना न आया हमें

वहीं से दूर से ही, तू भी ये कह दे कभी
मैंने दिल तुझको दिया, मैंने दिल तुझको दिया
ओ रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया

रस्ता वही और मुसाफ़िर वही
एक तारा न जाने कहाँ छुप गया

इस गीत को दो टैग लाइन देने का श्रेय भी दिया जाना चाहिए|
रमैय्या वस्तावैया’ और
एक तारा न जाने कहाँ छुप गया

दुनिया वही, दुनियावाले वही
कोई क्या जाने किसका जहाँ लुट गया

राज के दिल में क्या चल रहा है कोई इस बात से अवगत नहीं है| दुःख निजी ही होता है| एकल व्यक्ति के दुःख से उसे प्रेम करने वाले भले ही द्रवित हो जाएँ पर बाकी दुनिया का कारोबार अपनी गति से अपनी दिशा में चलता रहता है|

मेरी आँखों में रहे, कौन जो मुझसे कहे
मैंने दिल तुझको दिया, मैंने दिल तुझको दिया
ओ रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया


Discover more from Cine Manthan

Subscribe to get the latest posts sent to your email.