...[राकेश]
चेतावनी : कमजोर ह्रदय के श्रोता, विशेषकर प्रेम में वियोग झेल रहे व्यक्ति, और ऐसे व्यक्ति जिन्होंने कभी भी जीवन में सच में प्रेम को जीवन में जिया हो, इस गीत को रात की तन्हाइयों में लगातार न सुनें| उर्दू... Continue Reading →
बात बहुत पुरानी नहीं है। वक्त केथोड़े ही वक्फे भूत हुए होंगे जब डंकी लोग, अर्थात गर्दभ/गधे इस बार मनुष्य के साथ आर पार की लड़ाई करने के मूड में आ गये और सारे गधों को गाँव के बाहर एक... Continue Reading →
[ सालहा साल और एक लम्हाकोई भी तो ना इनमे बल आया खुद ही एक दर पर मैंने दस्तक दीखुद ही लड़का सा मैं निकल आया उर्दू शायरी के गुलशन में हज़ारों फूलों ने अहसास की अमिट खुशबू बिखेरी है... Continue Reading →
दूर कोई गाए धुन ये सुनाए तेरे बिन छलिया रे बाजे न मुरलिया मन के अंदर हो प्यार की अग्नि नैना खोये-खोये के हाय रामा नैन खोये-खोये अभी से है ये हाल तो आगे राम जाने क्या होए नींद नहीं... Continue Reading →
राधिका : सुनंदा मौसी, प्लीज अपनी शादी से पहले मेरे कॉलेज में कृष्ण नाटक करवा दो न| मैंने अपनी ड्रामा टीचर से कह दिया है कि वार्षिक उत्सव के लिए नाटक मैंने तैयार कर लिया है और बस अब अभ्यास... Continue Reading →
छूत की बीमारियाँ यों कई हैं; पर डर-जैसी कोई नहीं। इसलिए और भी अधिक, कि यह स्वयं कोई ऐसी बीमारी है भी नहीं-डर किसने नहीं जाना? – और मारती है तो स्वयं नहीं, दूसरी बीमारियों के ज़रिये। कह लीजिए कि... Continue Reading →
वर्तमान के अभिनेताओं से उलट, जो राजनीतिक रूप से उदासीन रहते हैं, अभिनेता दिलीप कुमार राजनीति में बेहद सक्रिय रहे| उन्होंने कांग्रेस के लिए बहुत से चुनावों में मोर्चा संभाल कर प्रचार किया| वे अपनी सामाजिक एवं राजनीतिक जिम्मेदारियों से... Continue Reading →
...[राकेश]
....[राकेश]
सेठ दामोदर के घर पर! जवाहर – मैडम, आपको सेठ जी के सभी लाकर्स आदि खुलवाने पड़ेंगे| सेठ जी के कमरे में एक तिजोरी दिखाई दी थी उसकी चाभी है आपके पास? सुनीता- बैंकों आदि में लाकर्स की जानकारी मुझे... Continue Reading →
अगले दिन सुभाष थाने में जवाहर के कक्ष में पहुँचता है| सुभाष – सर, पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आ गयी है, एंटीमार्टम रिपोर्ट तो जीरो है| रिपोर्ट अभी तो यही बता ही रही है कि मौत दिल के बड़े भारी दौरे... Continue Reading →
सुभाष, डॉक्टर गौतम और कमला को लेकर थाने पहुँचता है और जवाहर को सूचित करता है| जवाहर : ऐसा करो पहले डॉक्टर गौतम को अन्दर बुलाओ, पहले उनसे ही बात कर लेते हैं| सुभाष और डॉक्टर गौतम जवाहर के कक्ष... Continue Reading →
सीनियर इन्स्पेक्टर सुभाष ने एस पी जवाहर चौधरी से कहा,” सर, आज तो आपका सेवा में आख़िरी दिन है| आपको याद है, वो टोटके वाला केस? मैंने जब भी पूछा आपने टाल दिया पर मुझे हमेशा से लगता रहा है... Continue Reading →
"तुमने उस रात को आकाश के तारों तले धरती की उस सुनसान राह पर उस औरत को नहीं अपनाया था, जिससे तुम कह रहे हो तुमने प्रेम किया था"| नायिका- नंदिनी, इस प्रेम उपन्यास के अंत में नायक-सतेन, से कहती... Continue Reading →
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