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Cinema, Theatre, Music & Literature

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Bhupendra

डार्लिंग आँखों से आँखें चार करने दो (7 Khoon Maaf 2011)

कौन है भारत में ऐसा जो हिन्दी सिनेमा के संगीत संसार में मौजूद नायाब खजाने से रुबरु हुआ हो और शोला जो भड़के दिल मेरा धड़के (अलबेला-1951) , मुड़ मुड़ के न देख (श्री 420 - 1955), मेरा नाम चिन... Continue Reading →

एक ही ख्वाब (Kinara 1977): गुलज़ार ने रची गहन प्रेम की खूबसूरत सिनेमाई अभिव्यक्त्ति

https://youtu.be/V-Ym1pm2hDw?si=IHlQatk3e5Qe14qD …[राकेश]

Raavan (1984) : रो रो के पिघलते हैं गुनाहों के पहाड़

तेरे इश्क की एक बूँदइसमें मिल गयी थीइसलिये मैंने उम्र कीसारी कड़वाहट पी ली ….( अमृता प्रीतम) कैसे रो रो के पिघलते हैं गुनाहों के पहाड़आके देखे तो सही ये भी नज़ारा कोई © …[राकेश]

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