धरती पर मनुष्य की आबादी का आधा हिस्सा, स्त्रियाँ, भी पुरुषों की तरह जीवन जीने का अधिकार रखती हैं या नहीं? या सारी लोक लाज, सारी नैतिकता, सारे नियम कायदे स्त्री वर्ग के ऊपर ही मढ़ दिये गये हैं और... Continue Reading →
ज्यादातर समाज कई सारे धरातलों पर जीते हैं और कोई एक परिभाषा उनका प्रतिनिधित्व नहीं कर सकती। बच्चे भी अक्सर समाज में व्याप्त धारणाओं से ही सीखते हैं। समाज में बड़े जैसा कर रहे होते हैं बच्चे भी जाने अन्जाने... Continue Reading →
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