मैं भी काफ़िर, तू भी क़ाफ़िरफूलों की खुशबू भी काफ़िरलफ्जों का जादू भी काफ़िरये भी काफिर, वो भी काफिरफ़ैज़ भी और मंटो भी काफ़िरनूरजहां का गाना काफ़िरमैकडोनैल्ड का खाना काफ़िरबर्गर काफ़िर, कोक भी काफ़िरहंसना, बिद्दत, जोक भी काफ़िरतबला काफ़िर, ढोल... Continue Reading →
सआदत हसन मंटो ने 'गंजे फ़रिश्ते' शीर्षक से एक किताब लिखी थी जिसमें उनके द्वारा हिंदी सिनेमा में बिठाये वक्त के दौरान संपर्क में आये फ़िल्मी दुनिया के लोगों के बारे में संस्मरण थे| कुछ साल पहले पेंग्विन, इण्डिया ने... Continue Reading →
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