पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर (1910-1992) हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के जयपुर-अतरौली घराने के प्रमुख प्रतिनिधियों में से एक थे| पंडित जी की गायकी ने ख्याल गायन शैली की गहरी समझ, जटिल तानों, और भावनात्मक प्रस्तुति के साथ हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में अपनी... Continue Reading →
पुस्तकें पढने के साथ संगीत सुनना भी ओशो की पसंदीदा रुचियों में से एक रहा| बचपन में कई साल उन्होंने स्वंय बांसुरीवादन किया, लेकिन अपने एक प्रिय मित्र के नदी में डूब जाने के बाद उन्होंने बांसुरी को भी नदी... Continue Reading →
मैं भी काफ़िर, तू भी क़ाफ़िरफूलों की खुशबू भी काफ़िरलफ्जों का जादू भी काफ़िरये भी काफिर, वो भी काफिरफ़ैज़ भी और मंटो भी काफ़िरनूरजहां का गाना काफ़िरमैकडोनैल्ड का खाना काफ़िरबर्गर काफ़िर, कोक भी काफ़िरहंसना, बिद्दत, जोक भी काफ़िरतबला काफ़िर, ढोल... Continue Reading →
7 अक्तूबर 1914 को जन्मीं अख्तरी बाई फैजाबादी 13 वर्ष की आयु की ही थीं जब एक कामांध धनपशु ने उन्हें यौनहिंसा का शिकार बनाया| उस दुर्घटना के फलस्वरूप उत्पन्न कन्या को बहुत सालों तक अख्तरी बाई की छोटी बहन... Continue Reading →
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