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Cinema, Theatre, Music & Literature

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S.D Burman

कमर जलालाबादी

किसी भी गीत को उम्दा बनाने के लिये संगीतकार, गायक और गीतकार तीनों के बेहतरीन योगदान की जरुरत होती है और किसी एक का भी योगदान कमतर हो तो गीत की गुणवत्ता और आयु कम हो जाती है। तीनों में... Continue Reading →

जैसे हो गूँजता सुरीला सुर किसी सितार का (Naulakha Haar 1953) : आशा भोसले के स्वर तो गूंजने ही थे

शुरु से ही आशा भोसले की गायिकी उस ऊँचाई पर उड़ती रही है जहाँ से वह हरेक दौर में सक्रिय बड़े से बड़े संगीतकार को इठलाकर जताती रही है कि जनाब सृष्टि में हम भी श्रेष्ठ गायकों के साथ उपस्थित... Continue Reading →

कहीं बेख्याल होकर यूँ ही छू लिया किसी ने (Teen Deviyan 1965)

गीत के नीचे दिये ऑडियो में एक अंतरा ज्यादा है। https://youtu.be/94xePOCF6yU?si=ztT1oXE_JC-J_gBd ...[राकेश]

लिखा है तेरी आँखों में (Teen Deviyan 1965) : किशोर कुमार के अद्भुत दौर की शुरुआत

इस गीत से किशोर कुमार हिन्दी फिल्मों में गायन की अपनी दूसरी एवं आधुनिक पारी के श्रीगणेश का शंखनाद करते हैं| हालांकि किशोर कुमार की गायिकी के आधुनिक काल में प्रवेश की झलक Mr. X in Bombay (1964) के गीत... Continue Reading →

Teen Deviyan (1965) : जब कुछ नहीं तो ये इशारे क्यों

…[राकेश] https://cinemanthan.com/2013/09/26/likhahaiteriaankhonmein https://cinemanthan.com/2013/09/26/kahinbekhyalhokar/

तू कहाँ ये बता इस नशीली रात में [तेरे घर के सामने(1963)]: एक नशीला रोमांटिक गीत

https://youtu.be/5RXY6k-2i2g?si=wczVKwUb_a37OCnT ...[राकेश]

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