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Cinema, Theatre, Music & Literature

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Hindi

लिखा है तेरी आँखों में (Teen Deviyan 1965) : किशोर कुमार के अद्भुत दौर की शुरुआत

© ...[राकेश]

Teen Deviyan (1965) : जब कुछ नहीं तो ये इशारे क्यों

…[राकेश] https://cinemanthan.com/2013/09/26/likhahaiteriaankhonmein https://cinemanthan.com/2013/09/26/kahinbekhyalhokar/

Prahaar(1991): जय जवान जय ईमान

बेटे की मृत्यु के लिये उसकी फौजी ट्रेनिंग को जिम्मेदार मानने वाले मि. डिसूजा (हबीब तनवीर) जब मेजर चौहान के गाल पर थप्पड़ लगाते हैं तो इस दृष्य के प्रभाव को नाना पाटेकर बहुत वास्तविक और गहरा बनाते हैं। नाना... Continue Reading →

Dharm(2007) : दिल न मंदिर, न मस्जिद, न गिरजा, न गुरुद्वारा

ये कंकर पत्थर की दुनिया जज्बात की कीमत क्या जाने दिल मंदिर भी है दिल मस्जिद भी है ये बात सियासत क्या जाने। © ...[राकेश]

दुनिया रंग रंगीली बाबा (धरती माता 1938) – के.एल.सहगल की कस्तूरी

पंकज मलिक, उमा शशि और के.एल. सहगल संस्करण के.सी.डे, उमा शशि और के.एल.सहगल संस्करण https://youtu.be/gFQlI7QjbOI?si=hgDfPxx-nwJ78kR7 ...[राकॆश]

Breezy (1973): प्रौढ़ पुरुष के मरू ह्रदय में प्रेम जन्माती किशोरी की प्रेमकथा

https://youtu.be/38zpqhU_GcM?si=MEYQpUIcgyUCjKAD ...[राकेश]

तू कहाँ ये बता इस नशीली रात में [तेरे घर के सामने(1963)]: एक नशीला रोमांटिक गीत

https://youtu.be/5RXY6k-2i2g?si=wczVKwUb_a37OCnT ...[राकेश]

सुहाना सफर (मधुमती 1957): प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत कलाकार के उदगार

https://youtu.be/E5N7k1V2bQk?si=NIqBLjz7NEJ-iMeR गायक- #मुकेश, गीतकार- #शैलेन्द्र, संगीतकार – #सलिल_चौधरी, सिनेमेटोग्राफर - #दिलीप_गुप्ता,और निर्देशक – #बिमल_राय, फिल्म - #मधुमती (1957) ...[राकेश]

Crash(2004): रंगभेद और भेदभाव से भरे समाज की गाथा

ऑस्कर विजेता फिल्म क्रैश रेसिज्म का दंश झेलते अमेरिकी समाज में, जहाँ पात्र गोरे, काले और प्रवासियों के खानों में बँटे हुये हैं, पनप रही कहानियाँ दिखाती है। अपने तनावग्रस्त जीवन में सारे चरित्र कहीं न कहीं किसी न किसी... Continue Reading →

हे मैने कसम ली: मधुमास के सौन्दर्य का प्रतिनिधि गीत

...[राकेश]

नसीम(1995): अनेकता में एकता की विरासत पर हमले की दास्तान

...[राकेश]

Ijaazat (1987) : कोहरे में जमीन और आसमान के बीच भीगती जाती ज़िंदगी

https://youtu.be/PZzK3CVzLKo?si=2nmcAZCge8fVpSNI इजाज़त में एक सच्चाई है। कविता है पर जीवन की सच्चाई से ओतप्रोत। © …[राकेश]

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