Search

Cine Manthan

Cinema, Music & Literature

Tag

kamal bose

Khamoshi (1969): सन्नाटे की गूँज

जरुरी नहीं कि एक सलीके से फैला हुआ निबंध वह असर छोड़ जाये जो एक कविता, जो कि पूरी तरह से अतार्किक लगती है, छोड़ जाती है। यूँ ही नहीं कहा जाता कि भावना दिल का मामला है दिमाग का... Continue Reading →

Advertisements

Dastak (1970): हदों से गुजर जीने की कोशिश करते हामिद सलमा

दस्तक उन फिल्मों में से है जिन्हे (जिनकी कहानी को) चाहे पढ़ा जाये या देखा जाये वे एक गहरा असर पाठक और दर्शक पर छोड़ ही जाती हैं। उर्दू कथाकारों की मशहूर तिकड़ी (मंटो, कृष्ण चंदर और राजेन्द्र सिंह बेदी)... Continue Reading →

Create a free website or blog at WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: