Search

Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music & Literature

Tag

kumar gaurav

रोज़ रोज़ आँखों तले [जीवा (1986)] : मिसरी सी मीठी पहेली

संगीत : राहुल देब बर्मन, गीतकार - गुलज़ार , गायक द्वय - आशा भोसले एवं अमित कुमार , अभिनेता द्वय - मंदाकिनी एवं संजय दत्त गीत के वीडियो में एक अंतरा ( जीना तो सीखा है मर के....) नहीं है|... Continue Reading →

ज़िन्दगी रोज नये रंग में ढ़ल जाती है (Aaj-1990):संगीतकार जगजीत सिंह

ज़िन्दगी रोज नये रंग में ढ़ल जाती है कभी दुश्मन तो कभी दोस्त नज़र आती है।     कभी छा जाये बरस जाये घटा बेमौसम     कभी एक बूँद को रुह तरस जाती है     ज़िन्दगी रोज नये रंग में ढ़ल... Continue Reading →

वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी, बचपन और वो जगजीत सिंह: कौन भूला है यहाँ कोई न भूलेगा यहाँ

कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से कहीं भी जाऊँ मेरे साथ-साथ चलते हैं (बशीर बद्र) मैं रोया परदेश में भीगा माँ का प्यार, दुख ने दुख से बात की बिन चिट्ठी बिन तार निदा फाज़ली के ही दोहे... Continue Reading →

Janam(1985): महेश भट्ट की शानदार आत्मकथात्मक प्रस्तुती

http://youtu.be/ARnVfHZBAxQ ...[राकेश]

Blog at WordPress.com.

Up ↑