यह एक अविश्वसनीय सा तथ्य है कि कवि शैलेन्द्र ने 1948 में, ब्रितानी राज से स्वतंत्रता मिलने के एक साल बाद ही निम्न प्रस्तुत कविता लिख दी थी| यह आज़ाद भारत के हर दशक की कविता लगती है और आज... Continue Reading →
सभी माताएं महान होती हैं, अपने बच्चों के लिए वे नाना प्रकार के त्याग करती हैं, अपने बच्चों के लिए वे अपने जीवन को, और अपनी अभिलाषाओं को, काट-छांट कर सीमित बना देती हैं| अपने बच्चों के भविष्य को गढ़ने... Continue Reading →
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