योगेन्द्र यादव के मूल रूप से अंगरेजी में लिखे लेख का हिंदी अनुवाद प्रस्तुत है :- अगर हम आज सकारात्मक राष्ट्रवाद को पुनः प्राप्त करने के लिए कदम बढायें तो बहुतों की निगाह निर्मल वर्मा की वैचारिकी की ओर बिल्कुल... Continue Reading →
2015 के अक्तूबर और नवम्बर माह में हुए बिहार में विधानसभा चुनावों के समय आम आदमी पार्टी से बाहर हो चुके योगेन्द्र यादव ने एक राजनीतिक विश्लेषक के तौर पर भारत में सेक्युलरिज्म पर के बेहतरीन लेख लिखा था और... Continue Reading →
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