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Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music & Literature

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Sanjeev Kumar

राह पे रहते हैं (Namkeen 1982) : जल गए जो धूप में तो साया हो गए

https://www.youtube.com/watch?v=TMg5khs0UnI https://www.youtube.com/watch?v=CpYuH4Cc8Mk ...[राकेश] https://cinemanthan.com/2013/11/01/namkeen1982

बाँहों में चले आओ (Anamika 1973) : स्त्री प्रणय निवेदन का सुरीला शिखर

https://youtu.be/VVYrkjukYII?si=9lWOfsmEUlAZhxAz © ...[राकेश]

Mirza Ghalib (1988-89): बंसीधर, ज़ौक़ और शहज़ादा ज़फ़र – ईमानदारी और चापलूसी के बीच घिरे ग़ालिब (अध्याय 2)

ग़ालिब के किशोरवय के काल में उनके ससुर द्वारा उनसे किए जाना वाले दोस्ताना और उनके प्रति सम्मान और प्रशंसा रखने वाले रुख ने ग़ालिब को एक शायर के विकसित होने वाले शुरुआती दौर में बेहद प्रोत्साहन दिया होगा| पिछले... Continue Reading →

फिर से अइयो बदरा बिदेसी (नमकीन 1982) … गुलज़ार का मेघदूत

अगर कभी गुलज़ार के किसी पुराने गीत को उन्हे अपने स्वर देने पड़ें तो यह गीत सर्वश्रेष्ठ अवसर उत्पन्न करता है उनके लिए| ...[राकेश] https://youtu.be/BfeJ-tuUoIc?si=GAonq-Xo3g4RN6PO ©

Tanu Weds Manu Returns (2015) : कंगना रनौट की प्रतिभा का विस्फोट

   ©...[राकेश]   Tanu Weds Manu (2011)

नवीन निश्चल : सौम्य चरित्रों के अभिनेता

...[राकेश]

Angoor (1982) : विशुद्ध हास्य की मधुशाला

…[राकेश]

Satyakam (1969) : हत्या ईमानदारी की होते बेशर्मी से देखता रहा है हिन्दुस्तान

नमकीन (1982) : चौरंगी में झांकी चली

https://www.youtube.com/watch?v=hLWJ3pWy2ac https://www.youtube.com/watch?v=erkeCqZp7os …[राकेश]

जाने वाले मुड़ के (श्री 420) : राज कपूर की तकनीकी श्रेष्ठता

विवश श्वेत वस्त्रधारी अशरीरी अंतर्मन वापिस नरगिस के शरीर में प्रवेश कर जाता है। लता मंगेशकर ने अपनी गायिकी से इस गीत में उपस्थित दुख भरे भावों को गहरायी प्रदान की है। चाहे वह आवारा का ड्रीम सीक्वेंस हो या... Continue Reading →

Dastak (1970): हदों से गुज़र, जीने की कोशिश करते, हामिद और सलमा

…[राकेश]

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