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Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music & Literature

Veer Zaara : Manoj Bajpeyee

मनमोहन देसाई की सुपरहिट फ़िल्म अमर-अकबर-एंथनी में एक दृश्य है जिसमें इन्स्पेक्टर अमर (विनोद खन्ना), एंथनी (अमिताभ बच्चन) को उसके मोहल्ले से पीट पाट कर लाकर हवालात में बंद कर देता है और हवालात से चोट खाया एंथनी, बाहर अपनी... Continue Reading →

Titanic (1997)

जहाजी इश्क नहीं आसां, बर्फीले समुद्र में डूब ही जाना है टाइटेनिक जहाज की असली घटना की कहानी बीसवीं सदी की एक सबसे बड़ी दुर्घटना की कहानी है लेकिन जेम्स कैमरून की फ़िल्म टाइटेनिक इस दुर्घटना का सिनेमाई रूपांतरण होने... Continue Reading →

फ़िल्म : कप्तान कौन?

...[राकेश]

Merry Christmas (2024) : पिंजरे के पंछी तेरा दर्द न जाने कोय

...[राकेश]

Dillagi (1978) : बसंत, कालीदास, कमल और फूल का प्रेम

...[राकेश]

Maamla Legal Hai(2024) : हंसने की अदालत जारी है

....[राकेश]

हजार राहें जो मुड़ के देखीं : गुलज़ार खय्याम किशोर लता

https://youtu.be/t1O9anHPo_Y?si=Ht9OsaNyZPxw7Nd0

पंकज उधास और संजय दत्त के फ़िल्मी जीवन के मोड़

....[राकेश]

All India Rank (2024) : याद न जाये बीते दिनों की

...[राकेश]

वरुण (ग्रोवर)  : All India Rank से पहले का फ्लैश बैक

...[राकेश]

हुड हुड दबंग (लंतरानी) : ट्रैजिकॉमेडी का स्तरीय रूप

...[राकेश]

कविता चौधरी : परलोक की उड़ान के लिए शुभकामनाएं एवं अलविदा

Animal(2023) : Alpha Male & Swanand Kirkire

हिंदी फिल्मों में ही ऐसे उदाहरण मिल जायेंगे जहां किसी चरित्र का चित्रण समाज के लिए घातक लगेगा लेकिन फ़िल्में आती हैं चली जाती हैं, समाज अपनी मंथर गति से बदलाव देख,समझ, स्वीकार करके बढ़ता रहता है| आखिरकार तो सिनेमा... Continue Reading →

Animal (2023) : जूता चाट दृश्य :: Javed Akhtar

https://youtu.be/p071YCW3h8M?si=Z7CoEsiKhne_Yc74 https://youtu.be/TMKnnykdZXc?si=3rx3jjVD_9m4OcLH https://youtu.be/YBOo4Vy0IKY?si=cfNUizmTeP6maBpd                        ...[राकेश]

Shart (1986) : I Love You Kiran…

फ़िल्म- शर्त, रिस्टोर होकर ओटीटी पर पुनः प्रदर्शित हो तो इसे आज के समय में सही दर्शक और प्रशंसक मिल जायेंगे|                ...[राकेश]

Yeh Woh Manzil To Nahin (1987) : अपराध बोध से भयभीत जीवन का पश्चाताप

                  ...[राकेश] पुनश्च : हाल में ऐसी ख़बरें थीं कि सुधीर मिश्रा ने कहीं कहा है कि वे इस फ़िल्म - ये वो मंजिल तो नहीं, को दुबारा बनायेंगे| ऐसा करने से बेहतर हो कि वे इस फ़िल्म को ओटीटी आदि... Continue Reading →

समान्तर (2009) : ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है!

ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है... जीवन की आपाधापी में कब वक्त मिलाकुछ देर कहीं पर बैठ कभी यह सोच सकूं,जो किया, कहा, माना उसमें भला बुरा क्या। जिस दिन मेरी चेतना जगी मैनें देखा,मैं खड़ा हुआ... Continue Reading →

Pavan Jha : यहाँ पे रहते हैं अजातशत्रु

तुममें कहीं "कुछ" है कि तुम्हें उगता सूरज, मेमने, गिलहरियाँ, कभी-कभी का मौसम, जंगली फूल-पत्तियां , टहनियां - भली लगती हैं...  (रघुवीर सहाय) इस "कुछ" को परिभाषित करना दुष्कर कार्य है| हरेक के लिए है| हमेशा रहा है| इंटरनेट के अस्तित्व में... Continue Reading →

ओम पुरी की अभिनय की पाठशाला

रात के 8 बजे थे, सर्दी अभी शुरू ही हुई थी, मैं (आशुतोष राणा)  ओम पुरी साहब के साथ पुष्कर तीर्थ के ब्रह्म कुंड पर बैठा था। हम हिंदी फ़िल्म Dirty Politics की शूटिंग कर रहे थे। बात ही बात... Continue Reading →

तुम बिन जाऊँ कहाँ (प्यार का मौसम 1969) : पंचम के पांच जादू

https://youtu.be/YQNb89xnKvQ?si=_hJcif396ONsLOzu https://youtu.be/62w7UB3h1xU?si=XWXMUsu8zu4-Cc8v https://youtu.be/WGH36wL6lHM?si=dK5CDvb2Rj9PBdvF https://dai.ly/x806f7z https://youtu.be/PZwoyWODUtE?si=9YEH7AVr_h3ACvoN                 ...[राकेश]

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