Search

Cine Manthan

Cinema, Music & Literature

Tag

kumar gaurav

ज़िन्दगी रोज नये रंग में ढ़ल जाती है (Aaj-1990):संगीतकार जगजीत सिंह

जीवन में यदि कुछ स्थायी है तो वह है निरंतर होने वाला परिवर्तन। हर पल कुछ नया हो रहा है। खुशी को स्थायी भाव बनाना चाहता है मनुष्य और दुख को जल्दी से जाने वाला भाव। पर समय कभी एक... Continue Reading →

वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी, बचपन और वो जगजीत सिंह: कौन भूला है यहाँ कोई न भूलेगा यहाँ

कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से कहीं भी जाऊँ मेरे साथ-साथ चलते हैं (बशीर बद्र) बीसवी सदी के सातवें और आठवें दशक में जन्मने वाली पीढ़ियों के भारतीयों के लिये जगजीत सिंह वही सितारे थे जो उनके साथ... Continue Reading →

Janam(1985): महेश भट्ट की शानदार आत्मकथात्मक प्रस्तुती

यूँ तो महेश भट्ट ने इंसानी जीवन में जटिल रिश्तों की मौजूदगी पर हमेशा बेहतरीन फिल्में बनायी हैं जिनमें अर्थ, सारांश, जनम, नाम, काश, डैडी, तमन्ना और जख्म आदि महत्वपूर्ण हैं। इनमें भी अर्थ, जनम और जख्म को उनके अपने... Continue Reading →

Blog at WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: