Search

Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music & Literature

Tag

#Lori

शिशु , संगीत और माँ

वरिष्ठ कवि नरेश सक्सेना की एक प्रसिद्ध कविता है - शिशु शिशु लोरी के शब्द नहींसंगीत समझता है,बाद में सीखेगा भाषाअभी वह अर्थ समझता है । समझता है सबकी भाषासभी के अल्ले ले ले ले,तुम्हारे वेद पुराण कुरानअभी वह व्यर्थ... Continue Reading →

ऐ लड़की! यलगार हो

©रफत आलम

Blog at WordPress.com.

Up ↑