खोजें

Cine Manthan

Tag

raghuveer yadav

महंगाई डायन खाए जात है : अभावग्रस्त भारत की टीस को उकेरता व्यंग्य गीत

भारत की सरकारों का सौभाग्य रहा है कि देशवासियों की कमर तोड़ने वाले मुद्दों को लेकर भी भारतवासी सड़कों पर नहीं उतरते बल्कि किसी न किसी तरह से इन अव्यवस्थाओं से पार पाने की सहन शक्ति विकसित कर लेते हैं... Continue Reading →

Advertisements

Peepli Live(2010): न्यू इंडिया और इसके मीडिया के मुँह पर तमाचा लगाता गरीब देहाती हिन्दुस्तान

प्रसिद्ध कवि रामावतार त्यागी की एक कविता की पंक्त्तियाँ हैं जी रहे हो जिस कला का नाम ले ले कुछ पता भी है कि वह कैसे बची है? सभ्यता की जिस अटारी पर खड़े हो, वही हम बदनाम लोगों ने... Continue Reading →

Yathharth (2002): चाण्डाल का बदरंग जीवन

एक चाण्डाल अपनी पुत्री और दामाद की चिता की ठंडी होती राख के पास बैठा बिलख रहा है। इस समय वह केवल एक बाप है। “ हे भोलेनाथ तूने ठीक किया जो मेरी बिटिया को बुला लिया। वह कैसे जीती... Continue Reading →

वर्डप्रेस (WordPress.com) पर एक स्वतंत्र वेबसाइट या ब्लॉग बनाएँ .

Up ↑

%d bloggers like this: