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#AshokVajpeyi

राजेंद्र यादव को जानना और अपनाना

First Published in - हमारे युग का खलनायक राजेंद्र यादव (संपादक - भारत भारद्वाज, साधना अग्रवाल), 2003 © कृष्ण बिहारी

मल्लिकार्जुन मंसूर को सुनना

मल्लिकार्जुन मंसूर के संगीत संसार में डूबकी लगाकर कवि अशोक वाजपेयी वापिस इस संसार में आते हैं तो अपने संगीत में रमे मल्लिकार्जुन मंसूर की बहुत सी छवियाँ ही नहीं लाते वरन अपनी उत्सुकता से उनके संगीत संसार की संरचना... Continue Reading →

थोड़ा सा … (अशोक वाजपेयी)

एक संवेदनशील और जिम्मेदार कवि अपनी कविता में जीवन में जो कुछ अच्छा है उसकी देखरेख अवश्य ही करता है और किसी भयानक दौर में उस अच्छे को बचाए रख पाने के आशावाद को भी अपनी कविता में समाहित करता... Continue Reading →

साहित्य के सुपात्र !

(अशोक वाजपेयी)

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