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Chitralekha

क्या जाग रही होगी तुम भी प्रिये ! (एक प्रेम गीत)

स्त्री-पुरुष के मध्य पनपे प्रेम पर उच्च स्तरीय लेखन करने की आकांक्षा के भाव से दुनिया का हर लेखक एवम कवि अवश्य ही गुज़रता है| हर लिखने वाला चाहता है कि वह एक अमर प्रेम गीत लिख दे फिर चाहे... Continue Reading →

नव कल्पना नव रुप (Mrig Trishna 1978) : नारी सौन्दर्य की भारतीय परिकल्पना

उर्वशी और मेनका जैसी अप्सराओं के मिथकों, सिंधु घाटी की सभ्यता से मिले अवशेषों में पायी गयी यक्षिणी की मूर्ति और अजंता एलोरा की गुफाओं में सदियों से अपने विलक्षण सौन्दर्य की झलक दिखाती यक्षिणी तक ढेरों उदाहरण पाये जाते... Continue Reading →

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