मुद्दतों बाद मयस्सर हुआ माँ का आँचल मुद्दतों बाद हमें नींद सुहानी आई ...[राकेश] © लेख के सन्दर्भ आनंद https://cinemanthan.com/2015/09/25/ananad1971/ कलयुग https://cinemanthan.com/tag/kalyug-1981/ 7 खून माफ़ https://cinemanthan.com/2015/04/21/7khoonmaaf/ तलवार https://cinemanthan.com/2015/10/06/talvar2015/ Piku https://cinemanthan.com/2015/05/12/piku2015/
जीवन हमेशा ही पलक झपकते ही अपना रुख बदल लेता है| बस एक क्षण का समय ही पर्याप्त होता है जीवन की दिशा बदलने वाली घटना के घटित होने के लिए| आसानी से चल रहा जीवन एक तीव्र मोड़ ले... Continue Reading →
...[राकेश]
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