अवगाह लिए सब ग्रंथ कंठस्थ हो गईं ऋचाएं भौतिकी से अध्यात्म तक ज्यामिती से इतिहास तक अब तक मानव ने पाया था जो ज्ञान! मस्तिष्क के तंतुओं का जाल शरीर के ऊतकों का स्थान पाकर यह सब ज्ञान दिख पड़ता... Continue Reading →
शिव कोई पुरोहित नहीं है। शिव तीर्थंकर हैं। शिव अवतार हैं। शिव क्रांतिद्रष्टा है, पैगम्बर है। वे जो भी कहेंगे, वह आग है। अगर तुम जलने को तैयार हो, तो ही उनके पास आना; अगर तुम मिटने को तैयार हो, तो ही उनके निमंत्रण को स्वीकार करना। क्योंकि तुम मिटोगे तो ही नये का जन्म होगा। तुम्हारी राख पर ही नये जीवन की शुरुआत है।
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