मल्लिकार्जुन मंसूर के संगीत संसार में डूबकी लगाकर कवि अशोक वाजपेयी वापिस इस संसार में आते हैं तो अपने संगीत में रमे मल्लिकार्जुन मंसूर की बहुत सी छवियाँ ही नहीं लाते वरन अपनी उत्सुकता से उनके संगीत संसार की संरचना के बहुत से रहस्यों को जानकर बाकी दुनिया से साझा करने की उदारता साथ लाते हैं| संगीत और साहित्य दोनों क्षेत्रों के रसिकों के लिए ये और ऐसी कवितायेँ एक अमूल्य उपहार हैं|

मल्लिकार्जुन मंसूर को सुनते हुए

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