Search

Cine Manthan

Cinema, Music & Literature

Tag

asit sen

Masaan (2015) : खिलने से पहले फूलों को खिज़ा खा गई

‘मसान’ में बहुत कुछ ऐसा है जो लगभग सभी देखने वालों को बेहद पसंद आएगा| अच्छी फिल्मों में जो सामने दिखता है, जो भले ही अलग – अलग प्रतीत होता है, उसके पार्श्व में दिखाई न दे सकने वाले परन्तु... Continue Reading →

हमने देखी हैं उन आँखों की महकती खुशबू (Khamoshi 1969) : अनूठे मुखड़े से सजा प्रेमगीत ग्रंथ

रूप, स्पर्श, स्वर, स्वाद और गंध पांच ऐसे विषय हैं जिनके सम्मोहन से मनुष्य जीवन आदिकाल से बंधा हुआ है और अनंत काल तक, या जब तक धरती पर मनुष्य जीवन उपलब्ध है, बंधा ही रहेगा| यह सिद्ध रूप में... Continue Reading →

किशोर कुमार : सवेरे वाली कुनमुनी, कुरमुरी लालिमा की छुअन जैसा गायन

चाहे हिमालय के भव्य अस्तित्व का श्रंगार करती हुयी सूरज की किरणें हों या एल्प्स की वादियों की गोद को धीमी नाजुक आँच से मदमाती हुयी सूरज की किरणें हों, सुबह के सूरज की लालिमा के सौंदर्य का कहीं कोई... Continue Reading →

Khamoshi (1969): सन्नाटे की गूँज

जरुरी नहीं कि एक सलीके से फैला हुआ निबंध वह असर छोड़ जाये जो एक कविता, जो कि पूरी तरह से अतार्किक लगती है, छोड़ जाती है। यूँ ही नहीं कहा जाता कि भावना दिल का मामला है दिमाग का... Continue Reading →

Create a free website or blog at WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: