ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है... जीवन की आपाधापी में कब वक्त मिलाकुछ देर कहीं पर बैठ कभी यह सोच सकूं,जो किया, कहा, माना उसमें भला बुरा क्या। जिस दिन मेरी चेतना जगी मैनें देखा,मैं खड़ा... Continue Reading →