Search

Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music, Literature & Life

Tag

#LataMangeshkar

अलका : भूलभुलैया में खो जाने वाली अभिनेत्री के अद्भुत गीत

https://www.youtube.com/embed/_2I6inFlQR4?si=3O4Pxubn65X5FXta https://www.youtube.com/embed/mk2bciQw-MM?si=ZTjuV-O-zj3O2IRV https://www.youtube.com/embed/M-_S4GBf-Go?si=sUC3uCYNnH39Y7fK https://www.youtube.com/embed/kv87jmRp7zo?si=flCZ2xiTatSfQCpH https://www.youtube.com/embed/QOTTbsHI2-Q?si=GQkG1Xsik63AzqDW ...[राकेश] [ तुम महकती जवां चाँदनी हो (प्यासे दिल 1974) : मुकेश के सिरमौर रत्नों में से एक ]

Majboor (1974) : मजबूर ये हालात इधर भी हैं उधर भी

...[राकेश]

चुनरी संभाल गोरी (बहारों के सपने 1967) : मन्ना डे (उत्सवधर्मिता), लता (भावों की बरसात) संग पंचम की संगीत मधुशाला

पंचम संगीत के विशाल सागर में उठी वह तरंग रही है जो आज भी संगीत सागर में न केवल विद्यमान है बल्कि पुरजोर तरीके से संगीत सागर में हिलोरे मार रही है| सागर में उठी तरंगों के कारण अन्दर से... Continue Reading →

लुट ही गये राम नाम की लूट के फेर में

मानवेंद्र, महाश्य जी के बहुत से किस्से चटखारे लेकर सुनाया करते, और बहुत बार तो महाश्य जी की उपस्थिति में ही, और महाश्य जी खुद भी अपने बारे में नमक मिर्च लगा कर सुनाये गए इन किस्सों को सुनकर ठहाके... Continue Reading →

रजनीगंधा फूल तुम्हारे  (रजनीगंधा – 1974) : जग ने देखी लता मंगेशकर की महकती गायिकी

https://www.youtube.com/watch?v=8PgqS4tcS54 ...[राकेश]

रहें न रहें हम, महका करेंगे (लता मंगेशकर) : ममता (1966)

मजरुह ने शब्दों का विन्यास इस तरह से सजाया है कि गाने और विराम में एक ज़रा सी चूक लय बिगाड़ सकती थी लेकिन लता जी ने अन्तरों की लम्बी पंक्तियों को इस खूबसूरती से गाया है, एकदम उचित जगह... Continue Reading →

लता मंगेशकर : भारत का गौरव ही नहीं, स्वाभिमान भी

(https://cinemanthan.com/2013/10/15/donainonmeinansoo/)

ठीक नहीं लगता : लता मंगेशकर, गुलज़ार और विशाल भारद्वाज की खोई संपत्ति की पुनः प्राप्ति

प्रेम, चित्त को अब तक व्यक्ति द्वारा समझी गई सामान्य स्थिति से विचलित करता ही है| चित्त जब प्रेम में पड़ने के कारण विचलन में आ जाए तब दो स्थितियां हो सकती हैं| अगर व्यक्ति प्रेम का प्रत्युत्तर नहीं चाहता,... Continue Reading →

लता श्रुति-संवाद : लता मंगेशकर के संगीत संसार की कुंडली विवेचना

पुस्तक संगीत के सामान्य श्रोता को यह आसान ढंग से संगीत के शास्त्रीय तत्वों की जानकारी उपलब्ध करा देती है और गीतों के नोटेशन्स और लता के गायन की बारीकियों को उजागर करके संगीत के पारखी श्रोताओं को भी ज्ञान... Continue Reading →

Koshish (1972) : संवेदना उकेरती मौन प्रेमकथा

...[राकेश] ©

Powered by WordPress.com.

Up ↑