Search

Cine Manthan

Cinema, Theatre, Music, Literature & Life

Tag

#Ram

मर्यादा पुरुषोतम श्री राम

मानव जाति का इतिहास गवाह है कि अच्छाई और बुराई एक साथ नहीं रह सकते, स्वतंत्रता और साम्राज्यवाद एक साथ नहीं रह सकते, अच्छी और बुराइयों से ग्रस्त सभ्यताओं में टकराव अवश्यंभावी है, इसे न कभी कोई टाल सका है... Continue Reading →

राम – रावण : ओशो

कोई राम हो सकता है या रावण, लेकिन दोनों के बीच कोई रास्ता नहीं है। हमारी परेशानी यह है कि हम अच्छी तरह जानते हैं कि हम राम नहीं हैं, लेकिन यह अहंकार को बहुत ठेस पहुँचाता है और मन... Continue Reading →

कवि ‘सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन’ से प्रश्न

सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन जी ने एक कविता लिखी थी – वात्स्यायन जी की बहुत सी लघु कवितायेँ बड़े और गहरे प्रभाव वाली हैं| उनके रचनात्मक वर्षों में उनकी कविताओं, और अन्य विधाओं के लेखन पर पर्याप्त चर्चाएँ होती ही होंगी, समीक्षाएं और... Continue Reading →

सूरज बडजात्या की फ़िल्में और रामायण

''होगी जय, होगी जय, हे पुरुषोत्तम नवीन! कह महाशक्ति राम के वदन में हुईं लीन।" [ "राम की शक्तिपूजा" - निराला] सूरज बडजात्या के किरदारों या उनकी कहानी की बात है तो सूरज की प्रेरणा का स्रोत रामायण और राम चरित मानस की कहानी और पात्र रहे हैं।... Continue Reading →

फ़िल्म : कप्तान कौन?

...[राकेश]

Powered by WordPress.com.

Up ↑